September 4, 2026

BJP की समन्वय बैठक में विजय बघेल का बड़ा बयान, बोले- ‘मन की बात कहने से मन भी हल्का हो जाता है’

रायपुर। छत्तीसगढ़ भाजपा में लगातार दूसरे दिन चल रही समन्वय बैठकों के बीच दुर्ग लोकसभा सांसद विजय बघेल का बयान चर्चा में आ गया है। दुर्ग जिले की समीक्षा बैठक के बाद उन्होंने कहा कि “संगठन के बड़े नेताओं के सामने अपने मन की बात कह देने से मन भी हल्का हो जाता है।” हालांकि, उन्होंने सत्ता और संगठन के बीच विवाद या तालमेल की कमी की चर्चाओं को पूरी तरह खारिज किया।

17 जिलों की समीक्षा, संगठनात्मक मजबूती पर मंथन

भाजपा प्रदेश मुख्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में दूसरे दिन भी मैराथन बैठकों का दौर जारी रहा। इस दौरान 17 जिलों की समीक्षा की जा रही है। बैठकों में संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने, सत्ता और संगठन के बीच बेहतर तालमेल और आगामी कार्ययोजना को लेकर चर्चा हो रही है।

दुर्ग, राजनांदगांव और सक्ती जिले की समीक्षा के बाद रायपुर जिले की बैठक आयोजित की गई। इसमें शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के विधायक, सांसद, जिला अध्यक्ष, जिला प्रभारी और प्रभारी मंत्री शामिल हुए।

विजय बघेल बोले- सभी मुद्दों पर खुलकर हुई बात

दुर्ग जिले की समीक्षा बैठक को लेकर विजय बघेल ने कहा कि बैठक में जिले से जुड़े सभी विषयों और समस्याओं पर खुलकर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि संगठन के वरिष्ठ नेताओं के सामने अपनी बात रखने से मन हल्का हो जाता है।

सत्ता और संगठन के बीच तालमेल को लेकर उठ रही चर्चाओं पर उन्होंने कहा कि आपसी विवाद या तालमेल की कमी जैसी कोई बात नहीं है। बैठक में सभी विषयों पर चर्चा हुई और संगठन को मजबूत करने के लिए आगे की रणनीति पर मंथन किया गया।

पदाधिकारियों ने रखीं समस्याएं

बैठक के पहले दिन 16 जिलों की रिपोर्ट संगठन के सामने रखी गई थी। क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल और प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय ने जिला पदाधिकारियों, प्रभारी मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों से फीडबैक लिया।

सूत्रों के अनुसार, बैठक में कई जिलों के पदाधिकारियों ने कार्यकर्ताओं के काम नहीं होने और अधिकारियों द्वारा संगठन की बात नहीं सुनने की शिकायत की। प्रभारी मंत्रियों के जिलों में कम दौरे, बिजली बिल को लेकर जनता की नाराजगी और विधायकों के पत्रों पर कार्रवाई नहीं होने जैसे मुद्दे भी उठाए गए।

मंत्रियों को नियमित दौरे के निर्देश

सूत्रों के मुताबिक, शिकायतों के बाद संगठन की ओर से मंत्रियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि वे अपने प्रभार वाले जिलों का नियमित दौरा करें और जनता व कार्यकर्ताओं की समस्याओं को गंभीरता से सुनें।

बताया जा रहा है कि भाजपा संगठन अब मंत्रियों और जिलों के कामकाज का फीडबैक लेकर रिपोर्ट तैयार कर रहा है। ऐसे में समन्वय बैठकों को आगामी दिनों में संगठन और सरकार के बीच तालमेल सुधारने की दिशा में अहम माना जा रहा है।