आरंग। क्षेत्र में लंबे समय से चल रहे अवैध रेत कारोबार के खिलाफ ग्रामीणों का आक्रोश आखिरकार सड़क पर उतर आया। ग्राम पंचायत कुटेला के ग्रामीणों ने आरंग-लवन मुख्य मार्ग पर अनिश्चितकालीन चक्काजाम कर दिया, जिससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया।
निस्तारी तालाब पाटकर रेत भंडारण का आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि रेत माफियाओं ने गांव के निस्तारी तालाब को पाटकर वहां बड़े पैमाने पर अवैध रेत का भंडारण कर रखा है। उनका कहना है कि इससे गांव के जल स्रोत और सार्वजनिक संसाधनों को नुकसान पहुंच रहा है।
शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं
ग्रामीणों के अनुसार, मामले की शिकायत ग्राम पंचायत, स्थानीय प्रशासन और सीएम हेल्पलाइन 1076 तक की गई, लेकिन इसके बावजूद जिम्मेदार विभागों ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। इससे नाराज ग्रामीणों ने आंदोलन का रास्ता अपनाया।
खनिज विभाग और प्रशासन पर मिलीभगत के आरोप
प्रदर्शन कर रहे लोगों ने खनिज विभाग और स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि उनकी मिलीभगत के बिना इतने बड़े स्तर पर अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण संभव नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में दिन-रात रेत का अवैध कारोबार जारी है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर केवल औपचारिकताएं निभाई जा रही हैं।
मौके पर पहुंची पुलिस, नहीं माने ग्रामीण
चक्काजाम की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। हालांकि प्रदर्शनकारी किसी आश्वासन पर आंदोलन खत्म करने को तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि जब तक रेत माफियाओं के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई नहीं होती और अवैध भंडारण नहीं हटाया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
बढ़ सकता है आंदोलन
ग्रामीणों के तेवरों को देखते हुए मामला और गरमा सकता है। अब प्रशासन की अगली कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं। क्षेत्र में अवैध रेत कारोबार को लेकर बढ़ता जनाक्रोश शासन-प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।





