मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी। छत्तीसगढ़ के मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मदद नहीं मिलने पर ग्रामीणों ने खुद ही गांव और सड़क बचाने की जिम्मेदारी उठा ली है। शिवनाथ नदी के किनारे बसे ग्राम बरारमुंडी के लोग नदी कटाव रोकने के लिए श्रमदान कर सीमेंट की दीवार और पचरी का निर्माण कर रहे हैं। निर्माण कार्य में महिला, पुरुष, बुजुर्ग और युवा सभी बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं।

ग्रामीणों ने बताया कि निर्माण के लिए सीमेंट, छड़, गिट्टी समेत अन्य सामग्री खुद चंदा इकट्ठा कर खरीदी जा रही है। पिछले दो महीने से गांव के लोग रोज सुबह और शाम श्रमदान कर दीवार निर्माण में जुटे हुए हैं। लाखों रुपए की लागत से हो रहे इस काम के बावजूद अब तक न तो प्रशासन और न ही पक्ष-विपक्ष के नेताओं ने कोई सुध ली है।
दरअसल, बारिश के दौरान शिवनाथ नदी का जलस्तर बढ़ने से लगातार कटाव हो रहा है। हालत यह है कि गांव को राजनांदगांव समेत अन्य क्षेत्रों से जोड़ने वाली मुख्य सड़क का बड़ा हिस्सा नदी में समा चुका है। सड़क किनारे लगातार हो रहे कटाव के कारण लोगों को जान जोखिम में डालकर आवाजाही करनी पड़ रही है।
कटाव अब खेतों तक पहुंच गया है, जिससे ग्रामीणों में डर है कि आगामी बारिश में बाढ़ जैसी स्थिति बनने पर गांव और सड़क दोनों को भारी नुकसान हो सकता है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार विधायक, सांसद और प्रशासनिक अधिकारियों से नदी कटाव रोकने की मांग की, लेकिन किसी स्तर पर ठोस पहल नहीं हुई।
मदद नहीं मिलने पर ग्रामीणों ने गांव में बैठक कर स्वयं निर्माण कार्य शुरू करने का फैसला लिया। तय किया गया कि हर घर से लोग निश्चित समय पर श्रमदान करेंगे। इसी के तहत रोजाना दो पालियों में ग्रामीण निर्माण कार्य में जुट रहे हैं।
वहीं इस पूरे मामले में जिम्मेदार अधिकारी गंभीरता दिखाते नजर नहीं आ रहे हैं। लल्लूराम डॉट कॉम के संवाददाता ने कलेक्टर से मुलाकात कर उनका पक्ष जानने की कोशिश की, लेकिन मुलाकात के लिए समय नहीं मिल सका।





