विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के मोवा स्थित सतनाम भवन परिसर से “विशाल सतनाम सद्भाव पदयात्रा” का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने धार्मिक विधि-विधान के साथ पदयात्रा को हरी झंडी दिखाकर पावन गिरौदपुरी धाम के लिए रवाना किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पवित्र जैतखाम की पूजा-अर्चना कर गुरु घासीदास बाबा का पुण्य स्मरण किया और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की।
“मनखे-मनखे एक समान” का संदेश
मुख्यमंत्री श्री साय ने पदयात्रा में शामिल श्रद्धालुओं से संवाद करते हुए कहा कि गुरु घासीदास बाबा का “मनखे-मनखे एक समान” का संदेश संपूर्ण मानव समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह पदयात्रा समाज में सद्भाव, समरसता और भाईचारे को और मजबूत करेगी।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार सामाजिक हितों को आगे बढ़ाने के लिए विशेष प्राधिकरण का गठन कर चुकी है। पदयात्रा के उपरांत विशाल मेले का आयोजन भी किया जाएगा।
मंत्रियों ने भी दिया एकता का संदेश
कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि यह पदयात्रा सामाजिक समरसता और मानव कल्याण के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है। कार्यक्रम में धर्मगुरु गुरु श्री बालदास साहेब, विधायक ललित चंद्राकर, विधायक मोतीलाल साहू, फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सुश्री मोना सेन, छत्तीसगढ़ रजककार विकास बोर्ड के अध्यक्ष श्री प्रहलाद रजक, जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन अग्रवाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि और संत समाज के सदस्य उपस्थित रहे।
18 से 22 फरवरी तक आयोजन
गौरतलब है कि रायपुर से गिरौदपुरी धाम तक प्रस्तावित यह पदयात्रा 18 से 22 फरवरी 2026 तक आयोजित की जाएगी। इस दौरान गिरौदपुरी धाम मेले में विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
यह पदयात्रा सामाजिक समरसता और आपसी भाईचारे का संदेश जन-जन तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।





