इंद्रावती नदी सिमटने से गहराया जल संकट, वन्यजीवों पर खतरा
बीजापुर जिले में बहने वाली बस्तर की जीवनदायिनी इंद्रावती नदी गर्मी की शुरुआत के साथ ही सिमटने लगी है। चित्रकोट जलप्रपात से आगे जंगलों और वन्यजीवों को जीवन देने वाली यह नदी अब कमजोर पड़ती नजर आ रही है। इंद्रावती टाइगर रिजर्व के वन्यजीव इसी नदी पर निर्भर हैं, लेकिन जलस्तर घटने से संकट गहराने लगा है। हर साल की तरह इस बार भी पानी कम होते ही वनभैंसे और अन्य जंगली जानवर जंगल छोड़कर महाराष्ट्र सीमा की ओर भटकने लगते हैं। नदी किनारे बसे गांवों में भी पानी की कमी को लेकर चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि मई-जून में हालात और खराब हो जाते हैं। अधिकारियों ने भी संभावित जल संकट को लेकर चिंता जताई है और अब उम्मीद बारिश तथा जल संरक्षण उपायों पर टिकी है।
नशे के नेटवर्क पर पुलिस का बड़ा प्रहार, तीन तस्कर गिरफ्तार
जगदलपुर में बस्तर पुलिस ने नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। बोधघाट थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि नयामुंडा इंडस्ट्रियल एरिया में कुछ लोग स्कूटी के जरिए नशीली दवाओं की बिक्री कर रहे हैं। सूचना पर तत्काल घेराबंदी कर तीन आरोपियों को मौके से गिरफ्तार किया गया। तलाशी के दौरान उनके पास से ट्रामाडोल और अन्य प्रतिबंधित कैप्सूल के 60 पत्ते बरामद हुए, जिनकी बाजार कीमत करीब 1 लाख 92 हजार रुपए आंकी गई है। पुलिस ने तस्करी में प्रयुक्त स्कूटी और नकद रकम भी जब्त की है। आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर न्यायालय में पेश किया गया है।
जगरगुंडा में लौट रही रौनक, विकास की नई तस्वीर उभरती हुई
सुकमा जिले का जगरगुंडा, जो कभी नक्सल प्रभाव और भय के कारण शाम होते ही सन्नाटे में डूब जाता था, अब तेजी से बदल रहा है। पिछले कुछ वर्षों में सड़क निर्माण और बेहतर कनेक्टिविटी के चलते बीजापुर, दंतेवाड़ा और सुकमा से आवागमन आसान हुआ है। बाजारों में फिर से चहल-पहल दिखने लगी है और स्थानीय व्यापार को नई गति मिल रही है। कभी इमली मंडी के लिए प्रसिद्ध यह क्षेत्र अब महुआ, इमली और चिरौंजी के व्यापार से फिर सक्रिय हो रहा है। जनवरी 2026 में वर्षों बाद बैंक शाखा खुलना क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है, जिससे ग्रामीणों को अब बैंकिंग सुविधाएं स्थानीय स्तर पर ही मिल रही हैं। हालांकि नेटवर्क और अधूरी सड़कों जैसी समस्याएं अभी भी बनी हुई हैं, लेकिन जगरगुंडा अब डर नहीं बल्कि विकास की नई कहानी लिख रहा है।
नक्सलमुक्त कोंडागांव में पुलिस की बदली तस्वीर, खाकी वर्दी में लौटे जवान
कोंडागांव जिले को नक्सलमुक्त घोषित किए जाने के बाद यहां पुलिस व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। अब तक संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा कारणों से कैमफ्लाज वर्दी पहनने वाले पुलिसकर्मी अब पारंपरिक खाकी वर्दी में नजर आएंगे। यह बदलाव सामान्य स्थिति और शांति बहाली का संकेत माना जा रहा है। पुलिस प्रशासन का मानना है कि खाकी वर्दी में पुलिस की पहचान आम जनता के बीच अधिक सहज और भरोसेमंद बनेगी। इससे जनता और पुलिस के बीच संवाद और विश्वास मजबूत होने की उम्मीद है। अधिकारियों ने नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए किसी भी सूचना या शिकायत के लिए नजदीकी थाने से संपर्क करने को कहा है।
झाड़-फूंक विवाद ने लिया खौफनाक रूप, बेटे ने मां की कर दी हत्या
दंतेवाड़ा जिले के कुआकोंडा थाना क्षेत्र के ग्राम धनीकरका में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। झाड़-फूंक को लेकर हुए विवाद में एक बेटे ने अपनी ही मां की हत्या कर दी। जानकारी के अनुसार परिवार घर के आंगन में बैठा था, तभी आरोपी अपनी बुआ पर झाड़-फूंक करने लगा। मां ने इसका विरोध किया, जिससे दोनों के बीच विवाद बढ़ गया। गुस्से में आकर आरोपी ने मां को जमीन पर पटक दिया और हंसिए से सीने पर वार कर दिया, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। घटना के बाद गांव में शोक और दहशत का माहौल है।
15 दिनों से जल संकट झेल रहे ग्रामीण, प्रशासन के खिलाफ बढ़ा आक्रोश
कोंडागांव जिले के बड़ेकनेरा पंचायत अंतर्गत शंकर नगर पारा में पिछले 15 दिनों से गंभीर जल संकट बना हुआ है। भीषण गर्मी के बीच नदी-नाले और तालाब सूख चुके हैं, वहीं लो वोल्टेज और बिजली कटौती ने समस्या को और बढ़ा दिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि नल-जल योजना वर्षों से अधूरी पड़ी है और कई घरों तक पाइपलाइन से पानी नहीं पहुंच पाया है। जगह-जगह पाइपलाइन लीकेज और निर्माण कार्यों के दौरान टूट-फूट से जल आपूर्ति बाधित हो रही है। शादी-विवाह के इस मौसम में पानी की कमी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल समाधान और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।
बेमौसम बारिश से तेंदूपत्ता कारोबार ठप, संग्राहकों की बढ़ी चिंता
बस्तर में तेंदूपत्ता, जिसे ‘हरा सोना’ कहा जाता है, इस बार मौसम की मार झेल रहा है। लगातार हो रही बेमौसम बारिश के कारण तेंदूपत्ता की खरीदी और संग्रहण कार्य प्रभावित हो गया है। कई समितियों में खरीदी शुरू होते ही रोकनी पड़ी है। संग्राहक परिवार पत्तों को घरों में सुखाने को मजबूर हैं, जबकि फड़ में रखे पत्तों के खराब होने की आशंका बढ़ गई है। पिछले साल भी बारिश से भारी नुकसान हुआ था और इस बार भी वैसी ही स्थिति बनने की आशंका है। हजारों परिवारों की आय इस पर निर्भर होने के कारण उनकी चिंता बढ़ती जा रही है।
मक्का किसानों पर मौसम की मार, फसल खराब होने का खतरा
बस्तर क्षेत्र में रबी सीजन की मक्का फसल तैयार हो चुकी है, लेकिन बेमौसम बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। बारिश के कारण फसल भीगने से गुणवत्ता खराब होने का खतरा है, जिससे बाजार में कीमत कम मिल सकती है। कई किसानों ने नुकसान के डर से फसल की कटाई रोक दी है। पिछले सीजन में मक्का 2200 रुपए प्रति क्विंटल तक बिका था, लेकिन फिलहाल कीमत करीब 2000 रुपए प्रति क्विंटल है। यदि बारिश जारी रही तो किसानों को औने-पौने दाम में फसल बेचनी पड़ सकती है।
नवाचारी शिक्षा रत्न अवार्ड से शिक्षकों का सम्मान, शिक्षा में नवाचार को बढ़ावा
जगदलपुर में आयोजित राष्ट्रीय नवाचारी शिक्षा रत्न सह राष्ट्रीय शैक्षिक संप्रवाह 2025-26 कार्यक्रम में कोंडागांव जिले के कई शिक्षकों को सम्मानित किया गया। राजधानी के जेएन पांडे उत्कृष्ट विद्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के 160 नवाचारी शिक्षकों को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मान दिया गया। कोंडागांव जिले से श्रीमती गीतांजलि भोई, दीपिका कोड़ोपी, भुवनेश्वर आग्रे, खमदेव दीवान और संदीप कुमार सेन को शिक्षा, कला और नवाचार के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए अवार्ड प्रदान किया गया। यह सम्मान शिक्षा के क्षेत्र में नए प्रयोगों और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।





