रायपुर। पश्चिम एशिया में उत्पन्न हालात को देखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी संभागायुक्तों, पुलिस महानिरीक्षकों, कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में पेट्रोलियम उत्पादों, एलपीजी गैस, उर्वरकों सहित आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता और आपूर्ति व्यवस्था की विस्तार से समीक्षा की गई।
मुख्यमंत्री साय ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में पेट्रोल, डीजल, गैस सिलेंडर और उर्वरकों की किसी भी प्रकार की कमी नहीं है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अफवाहों पर सख्ती से नियंत्रण रखा जाए और आमजन तक सही एवं तथ्यात्मक जानकारी समय पर पहुंचाई जाए। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियां कोविड जैसी नहीं हैं, लेकिन सतर्कता बेहद जरूरी है।
बैठक में यह भी बताया गया कि राज्य स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित कर दिया गया है, जहां से स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रत्येक जिले में भी कंट्रोल रूम स्थापित किए जाएं और प्रभारी सचिव तथा कलेक्टर नियमित रूप से समीक्षा करें। आम नागरिक घरेलू गैस आपूर्ति से जुड़ी शिकायतों के लिए टोल फ्री नंबर 1800-233-3663 पर संपर्क कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने कालाबाजारी और जमाखोरी पर सख्त कार्रवाई के निर्देश देते हुए कहा कि पेट्रोल पंपों और गैस एजेंसियों की नियमित निगरानी की जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पेट्रोल-डीजल की बिक्री केवल निर्धारित मानकों के तहत ही की जाए और कंटेनरों में आम जनता को ईंधन न दिया जाए।
बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेशभर में 335 स्थानों पर छापेमारी की गई, जिसमें कालाबाजारी की पुष्टि नहीं हुई, लेकिन जमाखोरी के मामलों में कार्रवाई करते हुए 3841 गैस सिलेंडर जब्त किए गए और 97 एफआईआर दर्ज की गई हैं।
उर्वरकों की उपलब्धता पर भी चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराया जाए और स्टॉक की नियमित समीक्षा की जाए। साथ ही वितरण प्रणाली को पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए सॉफ्टवेयर आधारित मॉनिटरिंग को और मजबूत करने के निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री ने अस्पतालों, छात्रावासों, शैक्षणिक संस्थानों, रेलवे और अन्य आवश्यक सेवाओं में गैस आपूर्ति निर्बाध बनाए रखने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में प्रशासन को टीम भावना के साथ कार्य करते हुए यह सुनिश्चित करना होगा कि आम जनता को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो।
बैठक में मुख्य सचिव विकास शील, प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और तेल कंपनियों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।





