May 14, 2026

5 लाख की इनामी महिला माओवादी ने किया सरेंडर, नक्सली साजिश पर लगा झटका

जगदलपुर। छत्तीसगढ़-आंध्र प्रदेश सीमा पर सक्रिय नक्सली संगठन को उस समय बड़ा झटका लगा, जब 5 लाख रुपए की इनामी महिला माओवादी पोडियम लक्ष्मी ने आत्मसमर्पण कर दिया। सरकार की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर उसने आंध्र प्रदेश के एटका पुलिस कैंप में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक Pankaj Meena के समक्ष सरेंडर किया।

जानकारी के अनुसार, पोडियम लक्ष्मी बीजापुर जिले के उसुर थाना क्षेत्र की निवासी है और लंबे समय से माओवादी संगठन से जुड़ी हुई थी। वह DKSZC के 2 सीआरसी पीएलजीए बटालियन की सक्रिय सदस्य के रूप में छत्तीसगढ़-आंध्र प्रदेश बॉर्डर पर सक्रिय थी। आत्मसमर्पण के बाद उसे पुनर्वास, रोजगार और सरकारी योजनाओं का लाभ दिया जाएगा।

इधर, हाल ही में प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) की उत्तर तालमेल कमेटी द्वारा तेलंगाना में जारी एक पत्र ने नक्सली संगठन की नई रणनीति की ओर संकेत किया है। पत्र में संगठन ने अपने कमजोर पड़ते जनाधार और मौजूदा संकट का जिक्र करते हुए कैडर को फिर से एकजुट करने की कोशिश की है।

पत्र में नक्सलबाड़ी आंदोलन के दौर का हवाला देते हुए दावा किया गया है कि संगठन अभी भी रणनीतिक इलाकों में सक्रिय है। वहीं शीर्ष नक्सली नेता ‘देवजी’ के आत्मसमर्पण को संगठन ने ‘गद्दारी’ बताते हुए उसे दुश्मन का एजेंट करार दिया है।

पुलिस का कहना है कि यह बयानबाजी नक्सलियों की पुरानी और कमजोर पड़ चुकी विचारधारा को जिंदा दिखाने की कोशिश है। वहीं पोडियम लक्ष्मी के आत्मसमर्पण को सुरक्षा बलों की बड़ी सफलता माना जा रहा है।