May 14, 2026

महिला आरक्षण पर विधानसभा में हंगामा, CM साय ने पेश किया शासकीय संकल्प प्रस्ताव

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के विशेष सत्र में महिला आरक्षण बिल को लेकर जोरदार हंगामा देखने को मिला। विपक्ष के विरोध के बीच मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने महिला आरक्षण पर चर्चा के लिए शासकीय संकल्प प्रस्ताव पेश किया। आसंदी ने इस प्रस्ताव पर चर्चा के लिए 4 घंटे का समय निर्धारित किया।

मुख्यमंत्री के प्रस्ताव के बाद नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने अशासकीय संकल्प प्रस्ताव पेश करने की कोशिश की, जिसे आसंदी ने अग्राह्य कर दिया। इस पर महंत ने आपत्ति जताते हुए कहा कि सरकार निंदा प्रस्ताव लाने की बात कर रही थी, लेकिन प्रस्तुत संकल्प में निंदा का उल्लेख नहीं है।

इस मुद्दे को लेकर विपक्ष ने सदन में हंगामा शुरू कर दिया। विपक्षी सदस्यों ने आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष महिलाओं को गुमराह कर रहा है और मुद्दे को राजनीतिक रूप दे रहा है।

चर्चा के दौरान विधायक लता उसेंडी ने कहा कि महिला आरक्षण बिल को लोकसभा में पारित होने से रोकने का काम विपक्ष ने किया और महिलाओं की भावनाओं का सम्मान नहीं किया गया।

वहीं कांग्रेस की ओर से विधायक अनिला भेड़िया ने कहा कि उनकी पार्टी महिला आरक्षण का समर्थन करती है और इसे तत्काल लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि 2023 में बिल पारित हो चुका है और 2029 तक इंतजार करना उचित नहीं है।

महिला आरक्षण के मुद्दे पर सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक के साथ सदन का माहौल लगातार गरमाया हुआ है।