लोरमी। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जहां देश-दुनिया में पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण का संदेश दिया जा रहा था, वहीं लोरमी में सड़क निर्माण कार्य के लिए हरे-भरे छायादार पेड़ों की कटाई किए जाने का मामला सामने आया है। कथित तौर पर वन विभाग के अमले की मौजूदगी में हुई इस कार्रवाई को लेकर स्थानीय लोगों और पर्यावरण प्रेमियों में नाराजगी देखी गई।
पर्यावरण दिवस पर पेड़ों की कटाई से लोगों में नाराजगी
5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस मनाए जाने के बीच सड़क निर्माण के लिए कई पुराने और घने वृक्षों को काटे जाने का दृश्य लोगों को खटक गया। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जिस दिन पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया जाता है, उसी दिन वर्षों पुराने पेड़ों को काटा जाना संवेदनशीलता की कमी को दर्शाता है।
विकास और पर्यावरण के बीच बहस तेज
घटना के बाद क्षेत्र में विकास कार्यों और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। लोगों का कहना है कि यदि सड़क निर्माण के लिए पेड़ों की कटाई जरूरी भी थी, तो इसके लिए किसी अन्य दिन का चयन किया जा सकता था।
प्रशासन ने बताई नियमानुसार कार्रवाई
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार सड़क निर्माण जैसी विकास परियोजनाओं के लिए पेड़ों की कटाई नियमानुसार और पूर्व स्वीकृत प्रक्रिया के तहत की जाती है। अधिकारियों का कहना है कि ऐसे मामलों में प्रतिपूरक वनीकरण (Compensatory Afforestation) का प्रावधान भी लागू किया जाता है, जिसके तहत अन्य स्थानों पर पौधारोपण किया जाता है।
वन विभाग की अगली कार्रवाई पर नजर
पर्यावरण दिवस पर हुई इस कार्रवाई ने स्थानीय नागरिकों और प्रकृति प्रेमियों को आहत किया है। अब लोगों की नजर इस बात पर टिकी है कि कटे हुए पेड़ों की भरपाई और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए वन विभाग और प्रशासन आगे क्या कदम उठाते हैं।





