January 16, 2026

न्यूजीलैंड में सिखों के खिलाफ बयानबाज़ी तेज, चुनाव से पहले धार्मिक समुदाय बने निशाने पर

वेलिंगटन। न्यूजीलैंड में सिखों, हिंदुओं और अन्य धार्मिक समुदायों को लेकर बयानबाज़ी तेज हो गई है। कुछ समूहों और व्यक्तियों द्वारा सिख समुदाय के खिलाफ सार्वजनिक रूप से आपत्तिजनक टिप्पणियां की जा रही हैं, जिससे देश में धार्मिक सौहार्द को लेकर चिंता बढ़ गई है।

हाल के दिनों में ब्रायन टमाकी गुट द्वारा सिखों के नगर कीर्तन का विरोध किए जाने के बाद विवाद और गहरा गया है। इसके अलावा न्यूजीलैंड न्यू नेशन पार्टी के नाम से बने सोशल मीडिया पेज पर भारतीय समुदाय को लेकर तीखी बहस और टिप्पणियां सामने आ रही हैं। इन पोस्ट्स में सिखों पर खालिस्तान का झंडा फहराने और गातरा पहनने जैसे मुद्दों को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।

विश्लेषकों का मानना है कि यह पूरा घटनाक्रम न्यूजीलैंड में प्रस्तावित 2026 के आम चुनाव से जुड़ा हुआ है। हालांकि चुनाव की तारीख अभी घोषित नहीं हुई है, लेकिन उससे पहले ही कुछ राजनीतिक और धार्मिक समूहों द्वारा पहचान की राजनीति को हवा दी जा रही है, जिसमें प्रवासी और अल्पसंख्यक समुदाय निशाने पर आ रहे हैं।

सिख और भारतीय समुदाय से जुड़े संगठनों ने इस तरह की बयानबाज़ी पर चिंता जताते हुए इसे नफरत फैलाने वाला और समाज को बांटने वाला प्रयास बताया है। समुदाय के नेताओं ने न्यूजीलैंड सरकार से धार्मिक स्वतंत्रता और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

न्यूजीलैंड लंबे समय से बहुसांस्कृतिक और सहिष्णु समाज के रूप में जाना जाता रहा है। ऐसे में चुनावी माहौल में बढ़ती धार्मिक बयानबाज़ी को लेकर देश के लोकतांत्रिक मूल्यों पर सवाल खड़े हो रहे हैं।