
रायपुर:
छत्तीसगढ़ में बिजली बिल की बकाया राशि लगातार बढ़ती जा रही है, जिससे पावर कंपनी प्रबंधन की चिंता बढ़ गई है। एक तरफ घरेलू और छोटे उपभोक्ताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है, वहीं दूसरी ओर बड़े बकायादारों से वसूली करना कंपनी के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।
जानकारी के अनुसार, सरकारी विभागों पर ही करीब 3 हजार करोड़ रुपये का बिजली बिल बकाया है। चौंकाने वाली बात यह है कि बकायादारों की सूची में विधानसभा और IAS एसोसिएशन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के नाम भी शामिल हैं।
आंकड़ों के मुताबिक—
- छत्तीसगढ़ विधानसभा: ₹22 लाख 75 हजार बकाया
- IAS एसोसिएशन: ₹64 लाख 35 हजार बकाया
बिजली कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि बड़े बकायादारों से वसूली के लिए लगातार पत्राचार और कार्रवाई की जा रही है, लेकिन अपेक्षित सफलता अब तक नहीं मिल पाई है।




