March 3, 2026

पर्यावरणीय मानकों के उल्लंघन पर 15 उद्योगों पर ताला, 9.22 लाख की क्षतिपूर्ति अधिरोपित

रायपुर। छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल ने राज्य के औद्योगिक क्षेत्रों में पर्यावरणीय मानकों के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई करते हुए 10 से 25 फरवरी 2026 के बीच 15 उद्योगों का उत्पादन बंद कर विद्युत विच्छेदन किया है। नियमित और आकस्मिक निरीक्षणों के दौरान वायु एवं जल प्रदूषण से जुड़े गंभीर उल्लंघन पाए गए।

स्पंज आयरन उद्योग पर कार्रवाई

ग्राम चरौदा स्थित मे० पुष्प स्टील्स एंड माइनिंग प्रा. लिमिटेड (पूर्व नाम- इंडियन स्टील एंड पॉवर प्रा. लिमिटेड) में वायु प्रदूषण पाए जाने पर वायु (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1981 की धारा 31(क) के तहत उत्पादन बंद एवं बिजली काटने की कार्रवाई की गई।

मेटल पार्क रावांभाठा में 11 इकाइयां सील

मेटल पार्क, रावांभाठा क्षेत्र में निरीक्षण के दौरान 9 स्लैग क्रशर, 1 बाइंडिंग वायर इकाई और 1 स्टील फर्नीचर इकाई बिना वैध सम्मति एवं प्रदूषण की स्थिति में संचालित पाई गईं। इन 11 इकाइयों के खिलाफ वायु अधिनियम 1981 की धारा 31(क) एवं जल अधिनियम 1974 की धारा 33(क) के तहत उत्पादन बंद एवं विद्युत विच्छेदन के आदेश जारी किए गए।

सिलतरा और उरला-गोंदवारा में भी कार्रवाई

सिलतरा स्थित मे० एसकेए इस्पात प्रा. लिमिटेड (पूर्व नाम- जोरावर इंजीनियरिंग एंड फाउंड्री फोर्ज प्रा. लिमिटेड) में 19 फरवरी 2026 को वायु प्रदूषण पाए जाने पर कार्रवाई की गई।
इसी प्रकार उरला-गोंदवारा स्थित मे० छत्तीसगढ़ फेरो ट्रेडर्स प्रा. लिमिटेड में भी प्रदूषण उल्लंघन पर उत्पादन बंद एवं विद्युत विच्छेदन के आदेश दिए गए।

9.22 लाख रुपये की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति

मंडल ने नियमों के उल्लंघन की अवधि के आधार पर 3 उद्योगों पर कुल 9.22 लाख रुपये की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति अधिरोपित की है।

मंडल ने स्पष्ट किया है कि जब तक संबंधित उद्योग पर्यावरणीय मानकों, वैधानिक प्रावधानों और सम्मति शर्तों का पूर्ण पालन सुनिश्चित नहीं करते, तब तक संचालन की अनुमति नहीं दी जाएगी। औद्योगिक क्षेत्रों में निरीक्षण की कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी।