सरगुजा। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में एक आरक्षक और उसकी पत्नी पर 20 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। आरोप है कि दोनों ने जमीन खरीदने और पीडब्ल्यूडी से 75 लाख रुपये का बकाया भुगतान मिलने का झांसा देकर एक महिला से 30 लाख रुपये उधार लिए। बाद में केवल 10 लाख रुपये लौटाए, जबकि शेष राशि के लिए दिए गए दोनों चेक बाउंस हो गए। शिकायत के आधार पर गांधी नगर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जमीन खरीदने और भुगतान मिलने का दिया झांसा
पुलिस के अनुसार, गांधीनगर के पटपरिया निवासी अनुपमा सिंह, जो ‘अनुपमा मेकओवर’ नाम से ब्यूटी पार्लर संचालित करती हैं, ने लिखित शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में बताया गया है कि वर्ष 2023 में अंबिकापुर सीएसपी कार्यालय में वाहन चालक के रूप में पदस्थ आरक्षक प्रवीण प्रताप सिंह और उनकी पत्नी अलका प्रताप सिंह ने घरेलू संबंधों का फायदा उठाते हुए जमीन खरीदने के लिए तत्काल पैसों की जरूरत बताई। साथ ही दावा किया कि पीडब्ल्यूडी मुख्यालय रायपुर से उनका 75 लाख रुपये का भुगतान जल्द मिलने वाला है।
30 लाख लिए, लौटाए सिर्फ 10 लाख
पीड़िता के अनुसार, 11 जुलाई से 30 जुलाई 2023 के बीच अलग-अलग किश्तों में कुल 30 लाख रुपये आरोपियों को दिए गए। बार-बार मांगने के बावजूद रकम वापस नहीं की गई। मार्च 2025 तक आरोपियों ने केवल 10 लाख रुपये लौटाए और बाकी 20 लाख रुपये के लिए 10-10 लाख रुपये के दो चेक दिए, जो बैंक में लगाने पर बाउंस हो गए।
झूठे केस में फंसाने और जान से मारने की धमकी का आरोप
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कानूनी नोटिस भेजने के बाद आरोपी अपनी बात से मुकर गए। उन्होंने पुलिस विभाग में प्रभाव होने का हवाला देते हुए एससी-एसटी एक्ट सहित अन्य झूठे मामलों में फंसाने और जान से मारने की धमकी भी दी। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपियों ने शहर के अन्य लोगों से भी इसी तरह लाखों रुपये की ठगी की है।
डीजीपी के निर्देश पर दर्ज हुआ मामला
शिकायत के बाद डीजीपी के निर्देश पर गांधी नगर थाना पुलिस ने आरक्षक प्रवीण प्रताप सिंह और उनकी पत्नी अलका प्रताप सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत धोखाधड़ी और साझा आपराधिक मंशा का मामला दर्ज किया है। मामले की जांच सहायक उपनिरीक्षक बीरेंद्र कुजूर को सौंपी गई है।





