July 28, 2026

Bastar News Update: CCTV सिस्टम फेल, स्कूलों में शिक्षक संकट, किसानों पर मौसम की मार, डिजिटल कनेक्टिविटी से विकास को रफ्तार

जगदलपुर। बस्तर संभाग में सुरक्षा, शिक्षा, कृषि, रेल और आधारभूत सुविधाओं से जुड़े कई अहम मुद्दे सामने आए हैं। दंतेवाड़ा में करोड़ों रुपये की सीसीटीवी निगरानी व्यवस्था बदहाल होने से अपराध जांच प्रभावित हो रही है। वहीं बस्तर के सरकारी स्कूलों में हजारों शिक्षकों के पद खाली होने से शिक्षा व्यवस्था संकट में है। दूसरी ओर मौसम की अनिश्चितता के बीच किसानों के लिए फसल बीमा अभियान तेज किया गया है। बीजापुर के दूरस्थ गांवों में मोबाइल नेटवर्क पहुंचने से विकास को नई गति मिलने की उम्मीद जगी है, जबकि जगदलपुर में कोचिंग डिपो का निर्माण अधूरा होने से लंबी दूरी की ट्रेनों का इंतजार जारी है। नारायणपुर में कमजोर मानसून और स्वच्छता संबंधी समस्याओं ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है।

CCTV सिस्टम बदहाल, अपराध जांच पर असर

दंतेवाड़ा जिले में अपराध नियंत्रण के लिए स्थापित सीसीटीवी नेटवर्क की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। शहर समेत बारसूर, गीदम, कटेकल्याण, कुआकोंडा, बचेली और किरंदुल क्षेत्रों में कई कैमरे बंद पड़े हैं या धुंधली रिकॉर्डिंग कर रहे हैं। हाल ही में नकुलनार साप्ताहिक बाजार में 65 हजार रुपये से भरा बैग चोरी होने की घटना में कैमरे खराब होने के कारण पुलिस को स्पष्ट फुटेज नहीं मिल सका। अब जांच निजी कैमरों और प्रत्यक्षदर्शियों के सहारे चल रही है। स्थानीय लोगों ने खराब कैमरों की तत्काल मरम्मत और नियमित तकनीकी ऑडिट की मांग की है।

298 प्राथमिक स्कूल एक शिक्षक के भरोसे

बस्तर संभाग के सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों की भारी कमी से शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है। 42 हजार से अधिक स्वीकृत पदों में करीब 11 हजार पद रिक्त हैं। अकेले बस्तर जिले के 298 प्राथमिक विद्यालय एक-एक शिक्षक के भरोसे संचालित हो रहे हैं। शिक्षकों को पढ़ाई के साथ प्रशासनिक कार्य, मध्यान्ह भोजन और सरकारी योजनाओं की जिम्मेदारी भी निभानी पड़ रही है। शिक्षा विभाग का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया शासन स्तर पर जारी है, लेकिन दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों में संकट अब भी बरकरार है।

31 जुलाई तक फसल बीमा का मौका

बदलते मौसम और प्राकृतिक आपदाओं से किसानों को राहत देने के लिए उद्यानिकी विभाग ने खरीफ 2026-27 के तहत मौसम आधारित फसल बीमा अभियान शुरू किया है। जिले में 450 हेक्टेयर क्षेत्र को योजना से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। किसान 31 जुलाई तक टमाटर, मिर्च, बैंगन, अदरक, केला, पपीता और अमरूद जैसी नगदी फसलों का बीमा करा सकते हैं। विभाग ने गांव-गांव पहुंचकर किसानों का पंजीयन कराने के निर्देश दिए हैं।

जंगलों तक पहुंचा मोबाइल नेटवर्क

बीजापुर जिले के उसूर ब्लॉक के पुसबाका और भैरमगढ़ ब्लॉक के मंडेम गांव में मोबाइल नेटवर्क टॉवर शुरू होने से ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है। अब विद्यार्थियों को ऑनलाइन पढ़ाई, किसानों को मौसम और बाजार की जानकारी, युवाओं को रोजगार संबंधी सेवाएं तथा ग्रामीणों को डिजिटल बैंकिंग और सरकारी ऑनलाइन सुविधाओं का लाभ आसानी से मिल सकेगा। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में इसे विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

कोचिंग डिपो अधूरा, लंबी दूरी की ट्रेनों का इंतजार

जगदलपुर रेलवे स्टेशन पर प्रस्तावित 227 करोड़ रुपये की कोचिंग डिपो परियोजना एक दशक बाद भी अधूरी है। डिपो बनने से दिल्ली, हैदराबाद, बेंगलुरु, चेन्नई और वाराणसी जैसी लंबी दूरी की ट्रेनों के संचालन की उम्मीद थी, लेकिन धीमी निर्माण गति और रेलवे लाइन दोहरीकरण में देरी के कारण परियोजना पूरी नहीं हो सकी। स्थानीय लोगों का कहना है कि डिपो बनने से रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

बारिश की कमी से किसानों की बढ़ी चिंता

नारायणपुर जिले के छोटेडोंगर क्षेत्र में कमजोर मानसून के कारण धान की खेती प्रभावित हो रही है। 1.20 लाख हेक्टेयर लक्ष्य के मुकाबले अब तक केवल 50 से 55 हजार हेक्टेयर में बुवाई हो सकी है। खेतों में नमी की कमी और फसल पर संकट के कारण किसान चिंतित हैं। किसानों ने प्रशासन से राहत और सिंचाई व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।

अस्पताल के सामने जाम नाली से बढ़ी परेशानी

छोटेडोंगर अस्पताल के सामने महीनों से जाम नाली के कारण गंदा पानी जमा है और मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है। मरीजों और स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि शिकायतों के बावजूद सफाई नहीं कराई गई। ग्रामीणों ने नियमित सफाई, कचरा प्रबंधन और स्थायी समाधान की मांग की है, ताकि अस्पताल परिसर में स्वच्छ वातावरण सुनिश्चित हो सके।