रायपुर। NEET UG 2026 री-एग्जाम को लेकर राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) द्वारा जारी निर्देशों के बाद देशभर के मेडिकल कॉलेजों में 20 और 21 जून की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। आयोग ने मेडिकल कॉलेजों को निर्देश दिया है कि इन दो दिनों के दौरान छात्रों को अवकाश न दिया जाए, ताकि परीक्षा प्रक्रिया की सुरक्षा, गोपनीयता और निष्पक्षता सुनिश्चित की जा सके।
NMC के निर्देशों के तहत परीक्षा अवधि में छात्रों को कॉलेज परिसर में ही रखने की व्यवस्था की जा रही है। आयोग का उद्देश्य किसी भी प्रकार की अनियमितता या गोपनीय जानकारी के लीक होने की संभावना को रोकना बताया जा रहा है।
इस फैसले पर एसोसिएशन ऑफ हेल्थ प्रोवाइडर्स इंडिया, छत्तीसगढ़ (AHPIC) के अध्यक्ष डॉ. राकेश गुप्ता ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि सामान्य परिस्थितियों में रविवार को एमबीबीएस छात्रों की छुट्टी रहती है, लेकिन इस बार छुट्टियां निरस्त कर दी गई हैं और विद्यार्थियों को परिसर में ही रोकने की व्यवस्था की जा रही है।
डॉ. गुप्ता ने कहा कि जारी किए गए सर्कुलर से ऐसा संदेश जाता है मानो मेडिकल छात्र परीक्षा में नकल या अन्य अनुचित गतिविधियों में शामिल हो सकते हैं। उन्होंने इसे छात्रों के प्रति एक गलत धारणा बताया और कहा कि मेडिकल विद्यार्थियों की छवि को इस तरह संदेह के दायरे में नहीं रखा जाना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि परीक्षा की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सरकार कई स्तरों पर कदम उठा रही है। प्रश्नपत्रों के परिवहन से लेकर सुरक्षा व्यवस्था और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की निगरानी तक विशेष इंतजाम किए गए हैं। हालांकि, उनका मानना है कि परीक्षा में गड़बड़ियों की असली वजह कहीं और है।
डॉ. गुप्ता ने कहा, “दाग चेहरे पर है और आईना साफ किया जा रहा है।” उन्होंने तर्क दिया कि पेपर लीक जैसी घटनाएं आमतौर पर उन स्थानों से जुड़ी होती हैं, जहां प्रश्नपत्र तैयार किए जाते हैं या उनकी छपाई होती है। ऐसे में परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए मूल स्रोतों और प्रक्रियाओं पर निगरानी बढ़ाने की आवश्यकता है।

गौरतलब है कि NEET UG 2026 की परीक्षा 3 मई को आयोजित की गई थी। परीक्षा के दौरान पेपर लीक के आरोप सामने आने के बाद केंद्र सरकार ने परीक्षा को रद्द कर दिया था। इसके बाद राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) को पुनः परीक्षा आयोजित करने के निर्देश दिए गए।
अब 21 जून को NEET UG 2026 री-एग्जाम आयोजित किया जाएगा। परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए सुरक्षा और गोपनीयता के व्यापक इंतजाम किए गए हैं, जिनके तहत मेडिकल कॉलेजों में विशेष निर्देश लागू किए गए हैं।




