रायपुर: छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के संस्थापक अमित बघेल को बड़ी राहत देते हुए 3 माह की अंतरिम जमानत दे दी है।
यह मामला रायपुर के वीआईपी चौक स्थित छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा में तोड़फोड़ और उसके बाद हुए विवाद से जुड़ा हुआ है। इस प्रकरण में थाना तेलीबांधा, कोतवाली और देवेंद्र नगर थानों में कुल 14 एफआईआर दर्ज की गई थीं।
उच्च न्यायालय में सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने अमित बघेल को अंतरिम जमानत प्रदान की। साथ ही यह शर्त भी लगाई गई है कि वे जमानत अवधि के दौरान रायपुर जिले की सीमा में निवास नहीं करेंगे। हालांकि, उन्हें निर्धारित तिथियों पर अदालत में पेशी के लिए जिले में आने की अनुमति रहेगी।
अमित बघेल की ओर से अधिवक्ता हर्षवर्धन परगनिहा ने पक्ष रखा, जबकि आपत्तिकर्ता की ओर से सुनील ओटवानी और राज्य की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता प्रवीण दास ने पैरवी की।
क्या है पूरा मामला
26 अक्टूबर 2025 को रायपुर के वीआईपी चौक पर छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा से तोड़फोड़ की घटना सामने आई थी। इसके बाद अगले दिन अमित बघेल मौके पर पहुंचे, जहां उनके समर्थकों और पुलिस के बीच झड़प भी हुई।
बताया गया कि प्रतिमा को नुकसान पहुंचाने वाला आरोपी मानसिक रूप से अस्वस्थ था और नशे की हालत में उसने यह कृत्य किया था।
इस दौरान अमित बघेल द्वारा अग्रवाल और सिंधी समाज को लेकर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद मामला और बढ़ गया। इसके विरोध में रायपुर, रायगढ़ और सरगुजा समेत कई स्थानों पर एफआईआर दर्ज कराई गई थी।





