June 10, 2026

कोटमीकला सराफा कारोबारी हत्याकांड का खुलासा: मास्टरमाइंड समेत 7 आरोपी गिरफ्तार, लूटे गए जेवरात और हथियार बरामद

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। कोटमीकला साप्ताहिक हाट बाजार में सराफा कारोबारी प्रदीप सोनी की गोली मारकर हत्या और सोने-चांदी के जेवरात की लूट की सनसनीखेज वारदात का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। मामले में मुख्य साजिशकर्ता समेत चार और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इससे पहले तीन आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके थे। इस तरह पुलिस ने अंतरराज्यीय गिरोह के कुल सात आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरे मामले का पर्दाफाश कर दिया है।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त दो देसी कट्टे, जिंदा कारतूस, वाहन और लूटे गए सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए हैं।

26 मई को हुई थी वारदात

जानकारी के अनुसार, 26 मई 2026 की शाम करीब 7 बजे कोटमीकला साप्ताहिक हाट बाजार में ज्वेलरी व्यवसायी प्रदीप सोनी से सोना-चांदी से भरा बैग लूटने का प्रयास किया गया था। विरोध करने पर आरोपी मनीष मंडल उर्फ राहुल ने देसी कट्टे से गोली चला दी। गंभीर रूप से घायल प्रदीप सोनी की अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई थी। वारदात के बाद आरोपी जेवरात से भरा बैग लेकर फरार हो गए थे।

घटना के संबंध में पेंड्रा थाना में हत्या, लूट और आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।

स्थानीय साजिशकर्ताओं ने रची थी पूरी योजना

पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि पूरे घटनाक्रम का मास्टरमाइंड खुशीराम साहू था। उसने बिहार और झारखंड के शातिर अपराधियों को बुलाकर ज्वेलरी कारोबारियों की रेकी कराई और लूट की साजिश रची। स्थानीय स्तर पर गया प्रसाद रजक ने आरोपियों को अपने घर में ठहराया और रेकी में सहयोग किया।

वारदात के दिन जैसे ही प्रदीप सोनी बाजार से निकले, आरोपियों ने उन्हें घेर लिया। लूट का विरोध करने पर मनीष मंडल ने गोली चला दी, जिससे उनकी मौत हो गई।

वारदात के बाद बांटा गया लूट का माल

पुलिस के अनुसार घटना के बाद आरोपी देवरीखुर्द पहुंचे, जहां लूटे गए जेवरात का आपस में बंटवारा किया गया। इसके बाद आरोपी मोटरसाइकिल, बस और ट्रेन के जरिए अलग-अलग रास्तों से बिहार और झारखंड भाग गए। मुख्य साजिशकर्ता खुशीराम साहू ने अपने दामाद श्रेयांश शुक्ला को भी लूट के माल का हिस्सा दिया था।

सातों आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने बिहार और झारखंड के तीन पेशेवर अपराधियों मनीष मंडल उर्फ राहुल, सुजीत कुमार उर्फ सरगुन उर्फ राजू और संतोष कुमार दास को गिरफ्तार किया है। वहीं स्थानीय स्तर पर साजिश और सहयोग करने वाले खुशीराम साहू, राजाराम साहू, गया प्रसाद रजक और श्रेयांश शुक्ला को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।

हथियार, वाहन और जेवरात बरामद

आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने दो देसी कट्टे, चार जिंदा कारतूस, एक खाली खोखा, 40 ग्राम सोना और 4 किलो 480 ग्राम चांदी बरामद की है। इसके अलावा घटना में प्रयुक्त दो मोटरसाइकिल, एक स्विफ्ट कार और सात मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं।

विशेष टीम ने की कार्रवाई

आईजी बिलासपुर रेंज रामगोपाल गर्ग के निर्देशन में गठित विशेष टीम ने तकनीकी और मुखबिर तंत्र की सहायता से आरोपियों को गिरफ्तार किया। कार्रवाई में जीपीएम, बिलासपुर, मुंगेली और साइबर सेल की संयुक्त टीमों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

पुलिस का कहना है कि मामले में सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।