July 30, 2026

आरंग में धान बीज की गुणवत्ता पर सवाल, ‘करगा’ मिलने की शिकायत; किसानों ने जांच की मांग उठाई

आरंग। खरीफ सीजन की शुरुआत के साथ ही आरंग क्षेत्र में धान बीज की गुणवत्ता को लेकर किसानों की चिंता बढ़ गई है। कृषि साख सहकारी समितियों के माध्यम से वितरित किए जा रहे धान के आधार बीज (फाउंडेशन सीड) में ‘करगा’ और अन्य अवांछित बीज मिलने की शिकायतें सामने आई हैं। किसानों ने मामले की जांच कर दोषपूर्ण बीज की पहचान करने की मांग की है।

किसानों के अनुसार, छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम के माध्यम से उपलब्ध कराए गए कुछ बीज पैकेटों में धान के साथ खरपतवार और अन्य अवांछित सामग्री भी दिखाई दे रही है। इससे बीज की गुणवत्ता और परीक्षण प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए हैं।

बुआई के बाद बढ़ सकती है परेशानी

ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकांश किसान बीज की बोरी बुआई या नर्सरी तैयार करने के समय ही खोलते हैं। ऐसे में यदि बीज के साथ करगा या अन्य खरपतवार के बीज मौजूद हों, तो वे सीधे खेतों में पहुंच सकते हैं।

कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि करगा जैसी खरपतवार फसल के साथ पोषक तत्वों, पानी और स्थान के लिए प्रतिस्पर्धा करती है। इससे फसल की गुणवत्ता और उत्पादन प्रभावित हो सकता है। साथ ही किसानों को अतिरिक्त निंदाई और खरपतवार नियंत्रण पर अतिरिक्त खर्च भी करना पड़ सकता है।

किसानों को सतर्क रहने की सलाह

किसान संगठनों और स्थानीय किसानों ने बीज खरीदने वाले किसानों से अपील की है कि वे बुआई से पहले बीज की बोरी खोलकर उसकी सावधानीपूर्वक जांच करें। यदि बीज में करगा, खरपतवार या अन्य अवांछित सामग्री दिखाई दे, तो इसकी सूचना तत्काल संबंधित समिति, कृषि विभाग या बीज वितरण एजेंसी को दें।

किसानों का कहना है कि समय पर शिकायत दर्ज होने से संभावित नुकसान को रोका जा सकता है और दोषपूर्ण बीज की पहचान भी आसान होगी।

गुणवत्ता नियंत्रण व्यवस्था पर उठे सवाल

आधार बीज को बीज उत्पादन श्रृंखला का सबसे शुद्ध और महत्वपूर्ण स्तर माना जाता है। यही बीज आगे चलकर प्रमाणित बीज उत्पादन का आधार बनता है। ऐसे में किसानों ने सवाल उठाया है कि यदि शिकायतें सही हैं तो ग्रेडिंग, परीक्षण और प्रमाणीकरण की प्रक्रिया के दौरान ऐसी खामियां कैसे रह गईं।

स्वतंत्र जांच की मांग

किसानों ने राज्य सरकार, कृषि विभाग और संबंधित एजेंसियों से बीज लॉट की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है। साथ ही प्रभावित किसानों को गुणवत्तायुक्त बीज उपलब्ध कराने और जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की गई है।

किसानों का कहना है कि खरीफ सीजन खेती का सबसे महत्वपूर्ण समय होता है और बीज की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की लापरवाही सीधे उत्पादन और किसानों की आय को प्रभावित कर सकती है।