Balod News : बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में आर्मी जवान के साथ हुई ठगी का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। एक साधारण लोन आवेदन को कथित रूप से बड़ी धोखाधड़ी में बदल दिया गया, जिससे जवान को लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ा।
मामले की प्रमुख बातें विस्तार से—
सिर्फ 2 लाख रुपये के लोन के लिए किया गया था आवेदन
पीड़ित आर्मी जवान ने अपनी व्यक्तिगत जरूरतों को पूरा करने के लिए गुंडरदेही स्थित एक निजी बैंक में मात्र 2 लाख रुपये का लोन लेने के उद्देश्य से आवेदन किया था। यह एक सामान्य प्रक्रिया थी, जिसमें सीमित राशि का लोन लेकर उसे समय पर चुकाने की योजना बनाई गई थी। लेकिन इसी साधारण आवेदन को कथित रूप से बड़े फर्जीवाड़े का आधार बना दिया गया।
बिना जानकारी के 17 लाख रुपये का लोन स्वीकृत कर दिया गया
आरोप है कि बैंक में पदस्थ कर्मचारी रेखराम साहू ने आवेदन और दस्तावेजों में हेरफेर करते हुए जवान के नाम पर 17 लाख रुपये का लोन स्वीकृत करवा दिया। इस पूरी प्रक्रिया में न तो जवान को इसकी जानकारी दी गई और न ही उसकी सहमति ली गई, जो बैंकिंग नियमों का गंभीर उल्लंघन है।
लोन राशि आते ही 15.50 लाख रुपये का ट्रांसफर
जैसे ही लोन की पूरी राशि जवान के खाते में आई, उसमें से 15 लाख 50 हजार रुपये तुरंत ही किसी अन्य बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिए गए। यह ट्रांजेक्शन बेहद संदिग्ध माना जा रहा है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह कोई साधारण गलती नहीं बल्कि सुनियोजित ठगी हो सकती है।
ईएमआई के दबाव के बाद सामने आया पूरा मामला
जवान को इस पूरे फर्जीवाड़े की जानकारी तब हुई, जब बैंक की ओर से उसे बड़ी रकम की किस्त (EMI) जमा करने के लिए दबाव बनाया गया। जब उसने जांच की, तो पता चला कि उसके नाम पर 2 लाख नहीं बल्कि 17 लाख रुपये का लोन चल रहा है।
जम्मू-कश्मीर में पोस्टिंग होने का उठाया गया फायदा
पीड़ित जवान की तैनाती जम्मू-कश्मीर जैसे संवेदनशील क्षेत्र में है, जहां वह देश की सुरक्षा में व्यस्त रहता है। इस स्थिति का फायदा उठाकर आरोपी ने उसकी अनुपस्थिति में बैंकिंग प्रक्रिया को अपने अनुसार मोड़ दिया और ठगी को अंजाम दिया।
थाने में शिकायत के बाद मामला हुआ दर्ज
जैसे ही जवान को ठगी का अहसास हुआ, उसने तुरंत गुंडरदेही थाना पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है।
आरोपी बैंक कर्मचारी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई
पुलिस ने आरोपी कर्मचारी रेखराम साहू के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) के तहत अपराध दर्ज किया है। यह धारा धोखाधड़ी और छल से संबंधित मामलों में लागू की जाती है।
बैंकिंग रिकॉर्ड और ट्रांजेक्शन की गहन जांच जारी
पुलिस अब पूरे मामले की तह तक जाने के लिए बैंक खातों, लेन-देन के रिकॉर्ड और संबंधित दस्तावेजों की बारीकी से जांच कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या इस मामले में अन्य लोग या बैंक कर्मचारी भी शामिल हैं।बैंकिंग प्रणाली की
पारदर्शिता पर उठे गंभीर सवाल
इस घटना ने बैंकिंग सिस्टम की कार्यप्रणाली, आंतरिक निगरानी और सुरक्षा तंत्र पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। बिना ग्राहक की जानकारी के इतनी बड़ी राशि का लोन पास होना और फिर उसका ट्रांसफर होना एक बड़ी लापरवाही या साजिश की ओर इशारा करता है।
पीड़ित जवान को न्याय दिलाने की मांग तेज
इस मामले के सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर भी लोगों में आक्रोश है। लोग मांग कर रहे हैं कि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो और पीड़ित जवान को जल्द से जल्द न्याय एवं आर्थिक राहत दी जाए।
यह पूरा मामला इस बात की गंभीर चेतावनी है कि बैंकिंग प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और सुरक्षा को और मजबूत करने की जरूरत है, ताकि भविष्य में किसी भी व्यक्ति, विशेषकर देश की सेवा में लगे जवानों के साथ इस तरह की घटना न हो।





