June 21, 2026

पाटेश्वर धाम में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई देव जातरा, हजारों श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

बालोद। जिले के डौंडीलोहारा विकासखंड के तुएगोंदी गांव स्थित पाटेश्वर धाम में शनिवार को आदिवासी समाज द्वारा आयोजित पारंपरिक देव जातरा शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुई। इस धार्मिक आयोजन में बालोद सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों से हजारों की संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। आयोजन को लेकर प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था करते हुए तीन हजार से अधिक पुलिस अधिकारियों और जवानों की तैनाती की थी।

देव जातरा के दौरान श्रद्धालुओं ने लगभग चार किलोमीटर लंबे पथरीले और दुर्गम पहाड़ी मार्ग को पार कर पहाड़ी पर स्थित पाट बाबा तथा नीचे स्थित जलकैना में दर्शन-पूजन किया। परंपरा के अनुसार श्रद्धालुओं ने जीव सेवा भी की। समाज के लोगों ने बताया कि यह उनके समुदाय का प्रमुख धार्मिक आयोजन है, जिसमें वे अपने आराध्य देव आंगा देव के साथ पाट बाबा का आशीर्वाद लेने पहुंचते हैं।

हाल ही में पाटेश्वर धाम को लेकर हुए विवाद के कारण इस बार का आयोजन प्रशासन के लिए संवेदनशील माना जा रहा था। आदिवासी समाज ने बालक दास पर पाटेश्वर धाम की लगभग 12 एकड़ वन भूमि पर कब्जा और अवैध निर्माण का आरोप लगाते हुए जलकैना क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की थी। इस मुद्दे को लेकर कुछ दिन पहले कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन और हंगामे की स्थिति भी बनी थी।

विवाद के बाद प्रशासन ने हस्तक्षेप करते हुए कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और भारी पुलिस बल की मौजूदगी में जलकैना से सटी बाउंड्री वॉल को जेसीबी मशीनों की सहायता से हटाया था। इसके बाद आदिवासी समाज, प्रशासन और शासन स्तर पर हुई चर्चाओं के पश्चात देव जातरा को शांतिपूर्ण तरीके से आयोजित कराने पर सहमति बनी थी।

आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं की आस्था का विशेष दृश्य भी देखने को मिला। एक पैर से दिव्यांग अनिल नेताम बैसाखी के सहारे करीब चार किलोमीटर की कठिन पहाड़ी चढ़कर पाट बाबा के दर्शन करने पहुंचे। उन्होंने कहा कि यह उनके समाज की आस्था का पर्व है और बाबा का आशीर्वाद प्राप्त करना उनके लिए सौभाग्य की बात है।

पूरे आयोजन के दौरान प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। भारी पुलिस बल की मौजूदगी और सुरक्षा व्यवस्था के बीच देव जातरा बिना किसी अप्रिय घटना के शांतिपूर्वक संपन्न हुई।