July 30, 2026

शिमला में बस्तर की बेटियों का जलवा, राष्ट्रीय नृत्य प्रतियोगिता में जीता प्रथम स्थान

जगदलपुर। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में आयोजित 71वीं अखिल भारतीय नाटक एवं नृत्य प्रतियोगिता में बस्तर की बेटियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान हासिल किया है। राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में बस्तर की लोक संस्कृति और पारंपरिक नृत्य को सर्वश्रेष्ठ घोषित किया गया, जिससे छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ा है।

ऑल इंडिया आर्टिस्ट्स एसोसिएशन द्वारा आयोजित इस राष्ट्रीय सांस्कृतिक आयोजन में देश के विभिन्न राज्यों से कलाकारों ने भाग लिया। बस्तर की प्रतिभागी बेटियों ने अपनी पारंपरिक वेशभूषा, लोक संगीत और आकर्षक नृत्य प्रस्तुति से निर्णायकों और दर्शकों का मन मोह लिया।

पांच दिवसीय प्रतियोगिता में बस्तर की संस्कृति रही आकर्षण का केंद्र

पांच दिनों तक चले इस सांस्कृतिक महोत्सव में बस्तर की लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को मंच पर जीवंत रूप से प्रस्तुत किया गया। प्रस्तुति की मौलिकता, पारंपरिक शैली और सांस्कृतिक समृद्धि ने टीम को प्रतियोगिता में सर्वोच्च सम्मान दिलाया।

प्रतियोगिता में देशभर से पहुंचे कलाकारों के बीच बस्तर की प्रस्तुति सबसे अलग और प्रभावशाली मानी गई।

राज्यपाल ने किया सम्मानित

समारोह में हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविंदर गुप्ता मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। वहीं लोकप्रिय टीवी शो भाभी जी घर पर हैं के अभिनेता रोहिताश्व गौर ने भी कार्यक्रम में कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।

राज्यपाल और अन्य अतिथियों ने बस्तर की कलाकारों की प्रस्तुति की सराहना करते हुए उन्हें सम्मानित किया।

टीम की सफलता के पीछे रहा सामूहिक प्रयास

इस उपलब्धि के पीछे निर्देशक सुनैना कोराम और सहायक मनीष कौटवानी का महत्वपूर्ण योगदान रहा। उनकी मार्गदर्शना में कलाकारों ने राष्ट्रीय मंच पर बस्तर की संस्कृति का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।

विजेता टीम में पूनम भारती, रितु शोरी, रामेश्वरी कश्यप, संतोषी कश्यप, देवकी नेताम, प्रज्ञा दुबे, नीलावती भवानी और कृति मौर्य शामिल रहीं।

बस्तर में खुशी का माहौल

राष्ट्रीय स्तर पर मिली इस सफलता से बस्तर अंचल में खुशी और गर्व का माहौल है। स्थानीय लोगों ने इसे बस्तर की समृद्ध लोक संस्कृति और प्रतिभाशाली युवा कलाकारों की बड़ी उपलब्धि बताया है।

इस सफलता ने एक बार फिर साबित किया है कि बस्तर अपनी प्राकृतिक सुंदरता के साथ-साथ लोक कला, संस्कृति और प्रतिभा के क्षेत्र में भी राष्ट्रीय स्तर पर विशेष पहचान रखता है।