May 15, 2026

बस्तर अपडेट: कृषि घोटाले की जांच तेज, एआई शिक्षा की पहल, तेंदूपत्ता सीजन से 31 हजार परिवारों को राहत

बस्तर: बस्तर संभाग में विकास, भ्रष्टाचार और बदलाव से जुड़ी कई बड़ी खबरें सामने आई हैं। बकावंड क्षेत्र में कृषि योजनाओं में एक करोड़ रुपये से अधिक के घोटाले की जांच शुरू हो गई है। आरोप है कि वर्ष 2019-20 और 2020-21 में कागजों में खाद, बीज और कृषि किट की खरीदी दिखाकर राशि निकाली गई, जबकि कई किसानों तक सामग्री पहुंची ही नहीं। अब विभाग ने बिल, वाउचर और स्टॉक रिकॉर्ड तलब कर भौतिक सत्यापन शुरू कर दिया है। गड़बड़ी साबित होने पर सख्त कार्रवाई और वसूली के संकेत दिए गए हैं।

इधर, जगदलपुर में शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। जिला प्रशासन 10 हजार छात्रों को एआई शिक्षा से जोड़ने की तैयारी कर रहा है। धरमपुरा पॉलिटेक्निक कॉलेज में आयोजित कार्यशाला में शिक्षकों को आधुनिक डिजिटल टूल्स और स्मार्ट शिक्षण के तरीके सिखाए गए। अब ग्रामीण अंचल के छात्र भी कोडिंग और तकनीकी कौशल सीख सकेंगे।

अक्षय तृतीया के अवसर पर जगदलपुर शहर ने अपने 305 वर्ष पूरे कर लिए। 1721 में स्थापित यह शहर 16 झोपड़ियों से बढ़कर आज लाखों की आबादी वाला प्रमुख प्रशासनिक और सांस्कृतिक केंद्र बन चुका है।

वहीं सुकमा जिले में तेंदूपत्ता भुगतान घोटाले में बड़ी कार्रवाई हुई है। कुकानार सहकारी समिति के प्रबंधक को 4.19 लाख रुपये की गड़बड़ी के आरोप में बर्खास्त कर दिया गया है। मजदूरों और फड़ मुंशियों के भुगतान में अनियमितता सामने आने के बाद जांच के आधार पर यह कार्रवाई की गई।

नारायणपुर में रावघाट-जगदलपुर रेल लाइन परियोजना को रफ्तार मिली है। करीब 140 किलोमीटर लंबी इस परियोजना पर 3513 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे और 2028 तक इसके पूरा होने की उम्मीद है। इससे बस्तर में परिवहन और व्यापार को बड़ा फायदा मिलेगा।

उधर, कोंडागांव में तेंदूपत्ता सीजन की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। इस वर्ष 19,200 मानक बोरा संग्रहण का लक्ष्य रखा गया है और 31 हजार परिवार इससे जुड़कर आय अर्जित करेंगे। 25 अप्रैल से खरीदी शुरू होने की संभावना है, जिससे हजारों ग्रामीण परिवारों को आर्थिक सहारा मिलेगा।