जगदलपुर/बस्तर। चैत्र नवरात्र से पहले बस्तर में आस्था, प्रशासन और जनजीवन से जुड़ी कई बड़ी खबरें सामने आई हैं। डिजिटल पूजा से लेकर जल संकट, मौसम बदलाव और विकास योजनाओं तक—पढ़िए बस्तर की 10 बड़ी अपडेट—
दंतेश्वरी मंदिर में डिजिटल आस्था, 3 हजार ज्योति कलश का अनुमान
चैत्र नवरात्र के मौके पर जगदलपुर के ऐतिहासिक दंतेश्वरी मंदिर में इस बार आस्था डिजिटल हो गई है। श्रद्धालु ऑनलाइन बुकिंग के जरिए ज्योति कलश जलाने के लिए पंजीयन करा रहे हैं।
अब तक 2 हजार से ज्यादा रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं, जिसमें दुबई से भी बुकिंग शामिल है। इस बार तेल ज्योत 751 रुपए और घी ज्योत 1751 रुपए निर्धारित किया गया है।
26 साल से अधूरी गोकुलधाम और ट्रांसपोर्ट नगर योजना
जगदलपुर में गोकुलधाम और ट्रांसपोर्ट नगर जैसी महत्वपूर्ण योजनाएं 26 साल बाद भी अधूरी हैं। शहर में डेयरियों और ट्रकों की संख्या बढ़ने के बावजूद व्यवस्था बदहाल है।
इन योजनाओं से करीब 1000 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है, लेकिन अब तक जमीन और क्रियान्वयन पर ठोस प्रगति नहीं हुई है।
मार्च में ही तेज गर्मी, स्कूल टाइम बदलने की मांग
बस्तर में बढ़ती गर्मी को देखते हुए स्कूलों के समय में बदलाव की मांग तेज हो गई है। कर्मचारी संघ ने सुबह 7:30 से 11:30 बजे तक स्कूल संचालन की मांग की है।
अभिभावकों ने भी इस प्रस्ताव का समर्थन किया है। प्रशासन के फैसले का इंतजार किया जा रहा है।
आंधी-बारिश से राहत भी, नुकसान भी
अचानक बदले मौसम ने बस्तर में राहत और परेशानी दोनों दी। तेज आंधी और बारिश से तापमान गिरा, लेकिन कई जगह पेड़ गिरने और बिजली बाधित होने की समस्या सामने आई।
किसानों ने फसलों को नुकसान की आशंका जताई है।
जगदलपुर में पानी संकट, महिलाओं का प्रदर्शन
डोंगरी पारा वार्ड में पिछले एक महीने से पानी की समस्या बनी हुई है। महिलाओं को दूर से पानी लाना पड़ रहा है।
नगर निगम द्वारा आश्वासन के बावजूद अब तक समाधान नहीं हुआ, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।
जल संरक्षण में महिलाओं की पहल
कोंडागांव के हसलनार पंचायत में महिलाओं ने जल संरक्षण को लेकर जागरूकता अभियान चलाया। सामूहिक कार्यक्रम के जरिए जल बचाने का संदेश दिया गया।
यह पहल अन्य गांवों के लिए भी प्रेरणा बन रही है।
महुआ खरीदी पर संशय, ग्रामीण चिंतित
बस्तर में इस साल भी महुआ खरीदी को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। सरकारी खरीदी नहीं होने से ग्रामीणों को उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है।
यह बस्तर की अर्थव्यवस्था पर असर डाल सकता है।
दंतेवाड़ा लोक अदालत में रिकॉर्ड निपटारा
नेशनल लोक अदालत में 4728 मामलों का निराकरण किया गया। करीब 4.10 करोड़ रुपए का एवार्ड पारित हुआ।
लोगों को त्वरित न्याय मिलने से व्यवस्था की सराहना हो रही है।
अबूझमाड़ के गांव में पहली बार खुला स्कूल
नारायणपुर के करकाबेड़ा गांव में पहली बार प्राथमिक शाला शुरू हुई है। 20 बच्चों को अब गांव में ही शिक्षा मिल रही है।
यह कदम क्षेत्र में शिक्षा के विस्तार की दिशा में बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
बस्तर में रेल कनेक्टिविटी अब भी अधूरी
ऐतिहासिक रूप से रेल सप्लाई में योगदान देने वाला बस्तर आज भी बेहतर रेल कनेक्टिविटी के लिए संघर्ष कर रहा है।
नई रेल लाइनों की मांग लंबे समय से जारी है, लेकिन प्रगति धीमी है।
गर्भवती महिलाओं के लिए मुफ्त सोनोग्राफी
अब निजी सेंटर हर महीने दो दिन मुफ्त सोनोग्राफी करेंगे। इससे गरीब महिलाओं को राहत मिलेगी और सुरक्षित प्रसव को बढ़ावा मिलेगा।





