जगदलपुर। बस्तर संभाग में खरीफ सीजन की शुरुआत के साथ जहां डीजल संकट किसानों के लिए परेशानी का कारण बन गया है, वहीं दूसरी ओर सामूहिक विवाह कार्यक्रम सामाजिक बदलाव और पुनर्वास की नई मिसाल बनकर सामने आया है। दंतेवाड़ा में धार्मिक पर्यटन और शहरी विकास पर जोर दिया जा रहा है, जबकि केशकाल घाटी में लगातार हो रहे हादसों ने सड़क सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
डीजल संकट से किसानों की बढ़ी चिंता
खरीफ सीजन के बीच बस्तर जिले में डीजल की कमी ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। अधिकांश पेट्रोल पंपों पर डीजल की आपूर्ति प्रभावित होने से ट्रैक्टरों के पहिए थमने लगे हैं। जुताई और बुवाई के महत्वपूर्ण समय में किसान ईंधन के लिए भटक रहे हैं।
डीजल पहुंचने की सूचना मिलते ही पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लग रही हैं। कई स्थानों पर देर रात तक डीजल वितरण किया जा रहा है। संकट का असर परिवहन और व्यापारिक गतिविधियों पर भी दिखाई दे रहा है। भानपुरी में किसानों के समर्थन में प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग पर चक्काजाम किया गया और प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर आपूर्ति बहाल करने की मांग की गई।
सामूहिक विवाह बना सामाजिक बदलाव की मिसाल
जगदलपुर के टाउन हॉल में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में 17 जोड़े वैवाहिक बंधन में बंधे। कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि दो पूर्व नक्सली जोड़ों ने भी आत्मसमर्पण के बाद नए जीवन की शुरुआत की।
वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक रीति-रिवाजों के बीच संपन्न हुए इस आयोजन को पुनर्वास नीति की सफलता के रूप में देखा जा रहा है। कार्यक्रम में नवदंपत्तियों को आशीर्वाद देने के साथ सामाजिक समरसता और मुख्यधारा से जुड़ने का संदेश भी दिया गया।
15 अगस्त तक मछली पकड़ने पर प्रतिबंध
मत्स्य संसाधनों के संरक्षण और प्रजनन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 16 जून से 15 अगस्त तक नदी और नालों में मछली पकड़ने पर प्रतिबंध लागू कर दिया गया है।
मत्स्य विभाग के अनुसार बरसात का समय मछलियों के प्रजनन के लिए सबसे महत्वपूर्ण होता है। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। हालांकि केज कल्चर गतिविधियों और दूसरे राज्यों से मछली आयात एवं बिक्री पर कोई रोक नहीं रहेगी।
दंतेवाड़ा में धार्मिक पर्यटन और शहरी विकास को बढ़ावा
दंतेवाड़ा को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकसित करने की दिशा में प्रशासन ने नई पहल शुरू की है। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए शहर का मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है।
योजना के तहत यातायात, पार्किंग, स्वच्छता और सीवरेज प्रबंधन को बेहतर बनाने पर जोर दिया जाएगा। मां दंतेश्वरी मंदिर परिसर के आसपास सुविधाओं का विस्तार भी प्रस्तावित है। इसी क्रम में करीब डेढ़ करोड़ रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण किया गया।
केशकाल घाटी में तीसरे दिन तीसरा हादसा
कोंडागांव जिले की केशकाल घाटी में लगातार दुर्घटनाएं चिंता का विषय बनती जा रही हैं। सोमवार को ऑक्सीजन गैस से भरा एक टैंकर अनियंत्रित होकर पलट गया, जिससे गैस रिसाव शुरू हो गया।
बताया गया कि ब्रेक फेल होने के कारण चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा। चालक की सूझबूझ से सुरक्षा वाल्व खोलकर दबाव कम किया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। घटना के बाद कुछ समय तक यातायात प्रभावित रहा।
बाहरी फेरी वालों पर पुलिस की सख्ती
दंतेवाड़ा जिले के बचेली क्षेत्र में पुलिस ने सत्यापन अभियान के तहत बिना अनुमति घूम-घूमकर सामान बेच रहे एक बाहरी वाहन चालक पर कार्रवाई की है।
चालक आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका, जिसके बाद उस पर जुर्माना लगाया गया और जिले की सीमा से बाहर जाने के निर्देश दिए गए। पुलिस ने नागरिकों से भी संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तत्काल देने की अपील की है।
करोड़ों रुपये के मादक पदार्थ नष्ट
बस्तर पुलिस ने नशे के कारोबार पर बड़ी कार्रवाई करते हुए विभिन्न मामलों में जब्त करीब दो करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के गांजा और नशीली सिरप को नष्ट किया है।
जब्त गांजे को औद्योगिक भट्ठी में जलाकर समाप्त किया गया, जबकि नशीली सिरप को वैज्ञानिक प्रक्रिया के तहत नष्ट किया गया। पूरी कार्रवाई पर्यावरणीय मानकों का पालन करते हुए की गई।
आत्मसमर्पित नक्सलियों के जीवन में लौटी उम्मीद
महारानी अस्पताल में आत्मसमर्पित पूर्व नक्सलियों के लिए विशेष सर्जिकल शिविर आयोजित किया गया, जिसमें रिवर्स वासेक्टॉमी जैसी जटिल माइक्रोसर्जरी की गई।
ये वे लोग हैं जिन्हें नक्सली संगठन के दबाव में नसबंदी करानी पड़ी थी। विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा दो चरणों में अब तक 73 सफल सर्जरी की जा चुकी हैं। प्रशासन और पुलिस इसे पुनर्वास मॉडल की बड़ी सफलता मान रहे हैं। कई परिवारों में इस पहल के बाद फिर से खुशियां लौटने लगी हैं।





