July 31, 2026

Bastar News Update: अस्पताल की छत से टपका पानी, नकली खाद पर किसानों का प्रदर्शन, रेल परियोजना अधर में समेत पढ़ें 7 बड़ी खबरें

जगदलपुर। बस्तर संभाग में स्वास्थ्य, कृषि, आधारभूत ढांचे और प्रशासनिक व्यवस्थाओं से जुड़ी कई महत्वपूर्ण घटनाएं सामने आई हैं। सुकमा में अस्पताल की बदहाल व्यवस्था, जगदलपुर में नकली खाद के खिलाफ किसानों का प्रदर्शन, कोंडागांव में मशरूम खाने से एक परिवार के आठ लोग बीमार, दंतेवाड़ा में रेल परियोजना की धीमी रफ्तार और अवैध खनन पर सरकार के नए नियम प्रमुख खबरें रहीं।

पहली बारिश में टपकी अस्पताल की छत, प्रसूताओं की सुरक्षा पर सवाल

सुकमा के छिंदगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रसूति वार्ड में पहली ही बारिश में छत से पानी टपकने लगा। वार्ड में पानी भरने और दीवारों में नमी आने से करंट फैलने की आशंका बनी हुई है। पिछले तीन दिनों से बिजली बंद रहने के कारण बड़ा हादसा टल गया। परिजनों ने बिस्तर समय पर नहीं बदले जाने का आरोप लगाया है। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि क्षतिग्रस्त छत की मरम्मत कराई जा रही है।

नकली खाद के खिलाफ किसानों का प्रदर्शन

जगदलपुर में बड़ी संख्या में किसान कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और नकली व मिलावटी खाद-बीज के खिलाफ प्रदर्शन किया। किसानों ने कथित नकली डीएपी खाद का प्रदर्शन करते हुए पूरे जिले में खाद-बीज की जांच कराने, दोषी विक्रेताओं के लाइसेंस निरस्त करने और किसानों को नुकसान की भरपाई कराने की मांग की। किसानों ने चेतावनी दी कि कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन तेज किया जाएगा।

देशी मशरूम खाने से एक परिवार के 8 लोग बीमार

कोंडागांव के ग्राम पलारी में देशी मशरूम (फूटू) की सब्जी खाने के बाद एक ही परिवार के आठ लोग फूड पॉइजनिंग का शिकार हो गए। सभी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। पीड़ितों में दो बच्चे, तीन महिलाएं और तीन पुरुष शामिल हैं। चिकित्सकों ने लोगों से जंगल में मिलने वाले मशरूम का सेवन करते समय विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।

8 साल बाद भी अधर में बचेली-गढ़चिरौली रेल परियोजना

दंतेवाड़ा से महाराष्ट्र के गढ़चिरौली तक प्रस्तावित रेलवे परियोजना आठ साल बाद भी सर्वे से आगे नहीं बढ़ सकी है। वर्ष 2018 में स्वीकृत इस परियोजना से खनिज परिवहन, रोजगार और क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। स्थानीय लोगों ने परियोजना में तेजी लाने की मांग की है।

अवैध खनन पर सरकार सख्त, नए नियम लागू

राज्य सरकार ने गौण खनिज नियमों में संशोधन करते हुए अवैध खनन, परिवहन और भंडारण पर सख्ती बढ़ा दी है। नए नियमों के तहत अवैध उत्खनन पर न्यूनतम 25 हजार रुपये प्रशमन राशि और अवैध परिवहन पर प्रति टन 2 हजार रुपये जुर्माना तय किया गया है। सरकार का दावा है कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और राजस्व में वृद्धि होगी।

लाइनमैन नहीं मिला तो ग्रामीणों ने खुद सुधारी बिजली

नारायणपुर के अबूझमाड़ स्थित ओरछा में तकनीकी खराबी के कारण 19 घंटे तक बिजली आपूर्ति ठप रही। नियमित लाइनमैन उपलब्ध नहीं होने पर सरपंच, ग्रामीणों और विभाग के कंप्यूटर ऑपरेटर ने जंगल में जाकर खराब लाइन की मरम्मत की, जिसके बाद बिजली बहाल हो सकी। घटना के बाद क्षेत्र में स्थायी तकनीकी अमले की मांग तेज हो गई है।

कृषि योजना में वसूली का मामला, छह महीने बाद भी कार्रवाई अधूरी

सुकमा में शैलो ट्यूबवेल योजना के तहत किसानों से कथित अवैध वसूली का मामला अब भी पूरी तरह नहीं सुलझा है। जांच के बाद केवल कारण बताओ नोटिस जारी किए गए, जबकि एफआईआर और अन्य कार्रवाई लंबित है। विभाग ने किसानों की राशि लौटाने का दावा किया है, लेकिन किसान संगठन दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और योजना में पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं।