May 14, 2026

Bastar में तेंदुपत्ता खरीदी फेल, स्टार्टअप से लेकर अपराध और जल संकट तक कई बड़े मुद्दे एक साथ उजागर

बस्तर न्यूज़ अपडेट:
छत्तीसगढ़ के Bastar संभाग में एक साथ कई बड़े मुद्दे सामने आए हैं। तेंदुपत्ता खरीदी लक्ष्य से पीछे रहना, स्टार्टअप को बढ़ावा, अपराध की घटनाएं, जल संकट और मौसम से जुड़ी नई पहल—इन सबने क्षेत्र की स्थिति और चुनौतियों को उजागर किया है।

तेंदुपत्ता खरीदी लक्ष्य से काफी पीछे
दंतेवाड़ा जिले में इस साल भी तेंदुपत्ता खरीदी लक्ष्य से काफी कम रही। 19,200 बोरे के लक्ष्य के मुकाबले सिर्फ 13,500 बोरे ही खरीदे जा सके। 152 में से केवल 122 फड़ों में खरीदी हुई। नकुलनार क्षेत्र ने बेहतर प्रदर्शन किया, जबकि कटेकल्याण सबसे पीछे रहा। कम खरीदी के कारण करीब सवा 3 करोड़ रुपए का संभावित लाभ हितग्राहियों तक नहीं पहुंच पाया, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था प्रभावित हुई है।

‘आइडिया क्रांति’ की शुरुआत
जगदलपुर स्थित Shaheed Mahendra Karma University में इनोवेशन महाकुंभ 1.0 के जरिए युवाओं को स्टार्टअप और स्वरोजगार की दिशा में प्रेरित किया जा रहा है। राज्यपाल Ramen Deka ने युवाओं को “सीखो, लागू करो और कमाओ” का मंत्र दिया। कार्यक्रम का उद्देश्य बस्तर को ट्राइबल इनोवेशन हब बनाना है।

तकनीक से आरोपी गिरफ्तार
कोंडागांव पुलिस ने अपहरण और दुष्कर्म के मामले में तकनीकी मदद से तमिलनाडु से आरोपी को गिरफ्तार किया। साइबर सेल की मदद से लोकेशन ट्रैक कर पीड़िता को सकुशल बरामद किया गया। आरोपी ने पूछताछ में अपराध स्वीकार कर लिया।

घरेलू विवाद में जानलेवा हमला
दंतेवाड़ा के कुआकोंडा में घरेलू विवाद ने हिंसक रूप ले लिया, जहां पति ने पत्नी पर हसिया से हमला कर दिया। महिला गंभीर रूप से घायल है, जबकि आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

महंगाई के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन
जगदलपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने महंगाई के विरोध में रैली निकालकर प्रधानमंत्री का पुतला दहन किया। पार्टी नेताओं ने बढ़ती कीमतों को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा।

धान उठाव में भारी लापरवाही
बस्तर में धान खरीदी के बाद उठाव की धीमी प्रक्रिया चिंता का विषय बनी हुई है। 79 केंद्रों में करीब 1.66 लाख क्विंटल धान (करीब 51 करोड़ रुपए) अब भी पड़ा है, जिससे खराब होने का खतरा बना हुआ है।

अच्छे मानसून की उम्मीद
किसानों के लिए राहत की खबर है कि इस साल सामान्य से बेहतर मानसून की संभावना जताई गई है। अनुमान है कि 10% तक अधिक बारिश हो सकती है, जिससे खेती और जल भंडारण को फायदा मिलेगा।

जल संकट ने बढ़ाई परेशानी
गढ़मिरी पंचायत के पूतमरका पारा में ‘हर घर जल’ योजना जमीनी स्तर पर फेल नजर आ रही है। पाइपलाइन नहीं बिछने और सोलर टंकी खराब होने से ग्रामीण पानी के लिए भटक रहे हैं।

डॉप्लर रडार से मिलेगा मौसम अलर्ट
बस्तर में करीब 40 करोड़ रुपए की लागत से डॉप्लर वेदर रडार सिस्टम लगाने की मंजूरी मिल गई है। इससे मौसम की सटीक जानकारी और समय पर चेतावनी मिल सकेगी, जिससे जान-माल के नुकसान को कम करने में मदद मिलेगी।


बस्तर में विकास, व्यवस्था और सुरक्षा से जुड़े कई मुद्दे एक साथ सामने आ रहे हैं। जहां एक ओर स्टार्टअप और तकनीक नई उम्मीद जगा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर तेंदुपत्ता खरीदी, जल संकट और प्रशासनिक लापरवाही जैसी समस्याएं गंभीर चुनौती बनी हुई हैं।