दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में नगरीय निकाय चुनाव से पहले सियासी हलचल तेज हो गई है। भिलाई में भाजपा कार्यकर्ताओं और पार्षदों ने नगर निगम कार्यालय के सामने जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान महापौर और निगम कमिश्नर के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई और मांगों को लेकर एडीएम वीरेंद्र सिंह को ज्ञापन सौंपा गया।
भाजपा नेताओं ने नेशनल हाईवे-53 पर टेंट लगाकर कार्यकर्ताओं को संबोधित किया, जबकि इस आयोजन के लिए अनुमति नहीं ली गई थी। अपने संबोधन में नेताओं ने निगम में भ्रष्टाचार, भाजपा पार्षदों के साथ भेदभाव और महापौर की एमआईसी के फैसलों को लेकर तीखा विरोध जताया।
“स्लम क्षेत्रों की हो रही अनदेखी”
भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि निगम क्षेत्र में विकास कार्य केवल टाउनशिप तक सीमित हैं, जबकि स्लम बस्तियों की अनदेखी की जा रही है। उनका कहना था कि महापौर अब तक इन क्षेत्रों में नहीं पहुंचे हैं, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।
बैरिकेड तोड़कर बढ़ा प्रदर्शन
सुबह 11 बजे शुरू हुआ प्रदर्शन दोपहर तक उग्र हो गया। करीब एक बजे भाजपा कार्यकर्ताओं ने निगम के सामने लगे बैरिकेड्स तोड़ दिए और नारेबाजी करने लगे। इस दौरान पार्टी के भीतर भी दो गुट नजर आए—एक ओर मंच से नेता कार्यकर्ताओं को शांत रहने की अपील करते रहे, वहीं दूसरी ओर कुछ कार्यकर्ता बैरिकेड तोड़ते रहे।
कई वरिष्ठ नेता रहे मौजूद
प्रदर्शन में भाजपा संभाग प्रभारी जगन्नाथ पाणिग्राही, जिला प्रभारी रामजी भारती, विधायक रिकेश सेन, जिलाध्यक्ष पुरुषोत्तम देवांगन सहित कई पार्षद और पदाधिकारी मौजूद रहे। अंत में सभी नेताओं ने निगम कमिश्नर को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगें रखीं।
चुनाव से पहले हुए इस प्रदर्शन को राजनीतिक दृष्टि से अहम माना जा रहा है, जिससे आने वाले समय में सियासी माहौल और गर्माने के संकेत मिल रहे हैं।





