रायपुर। छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कृषि विभाग की उपलब्धियों और किसानों के हित में किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेशभर में खाद की कालाबाजारी के खिलाफ चलाए गए अभियान के तहत अब तक 472 स्थानों पर कार्रवाई की गई है। इस दौरान 68 हजार बोरी उर्वरक जब्त, 11 दुकानों के लाइसेंस निरस्त किए गए हैं और 11 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
मंत्री नेताम ने कहा कि बस्तर अब शांति और विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन और मत्स्य पालन विभागों के समन्वित प्रयासों से स्थानीय लोगों को रोजगार और आय बढ़ाने के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके लिए एकीकृत प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने की योजना भी बनाई जा रही है।
उन्होंने किसानों से गर्मी के मौसम में धान की बजाय दलहन, तिलहन और सब्जियों की खेती अपनाने की अपील की। उनका कहना था कि इन फसलों में पानी की आवश्यकता कम होती है और किसानों की आय भी बढ़ सकती है। साथ ही जैविक खेती और जैविक खाद को बढ़ावा देने पर भी सरकार विशेष फोकस कर रही है।
कृषि मंत्री ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी भी स्तर पर किसानों को गलत या अमानक बीज एवं खाद वितरित किए गए तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विभागीय सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेसी ने बताया कि 30 जुलाई 2026 तक प्रदेश में 543.4 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई है, जो पिछले 10 वर्षों के औसत से अधिक है। खरीफ 2026 में 48.69 लाख हेक्टेयर में बोनी का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें अब तक 83 प्रतिशत बोनी पूरी हो चुकी है।
उन्होंने बताया कि उर्वरकों का 98 प्रतिशत भंडारण सुनिश्चित किया गया है। कालाबाजारी रोकने के लिए 5,466 निरीक्षण किए गए, जिनमें कई मामलों में एफआईआर, लाइसेंस निरस्तीकरण और अन्य कार्रवाई की गई।
सचिव ने बताया कि पीएम-आशा योजना के तहत दलहन और तिलहन की एमएसपी पर खरीदी की जा रही है तथा किसानों को 215.47 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। वहीं पीएम किसान सम्मान निधि की 23वीं किस्त में 24.63 लाख किसानों को 493 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता राशि दी गई।
इसके अलावा पीएमकेएसवाई के तहत 49,983 किसान, प्राकृतिक खेती से 57,625 किसान, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में 17.97 लाख किसान लाभान्वित हुए हैं। वहीं एग्रीस्टैक और डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन के तहत 36 लाख से अधिक किसानों का पंजीयन किया जा चुका है।





