बिलासपुर। लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल के जन्म जयंती वर्ष के अवसर पर बिलासपुर जिले में स्कूली छात्र-छात्राओं के लिए शैक्षणिक भ्रमण का आयोजन किया गया। इस दौरान उन्हें पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली से अवगत कराया गया।
कार्यक्रम में एसएसपी रजनेश सिंह ने छात्रों को जन-जागरूकता अभियान का ब्रांड एंबेसडर घोषित किया।
छात्र-छात्राओं को सबसे पहले शहर के प्रमुख स्थल शहीद विनोद चौबे चौक में आयोजित प्रशिक्षण कार्यशाला में यातायात नियमों की जानकारी दी गई। यातायात पुलिस द्वारा सुरक्षित और सुगम आवागमन के लिए अपनाई जाने वाली तकनीकों और कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार से बताया गया।
इस दौरान छात्रों को ब्रीथ एनालाइजर, पीओएस मशीन, नेक्स्ट जेन एम-परिवहन पोर्टल, स्पीड राडार गन, इंटरसेप्टर, सीसीटीवी कैमरा, व्हील लॉक और अन्य तकनीकी संसाधनों का प्रत्यक्ष अवलोकन कराया गया। साथ ही यातायात नियमों के उल्लंघन पर की जाने वाली चालानी कार्रवाई के बारे में भी जानकारी दी गई।
इसके बाद छात्र-छात्राओं को इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर में संचालित आईटीएमएस (इंटेलिजेंट ट्रैफिक मॉनिटरिंग सिस्टम) के संचालन से अवगत कराया गया। उन्हें ऑपरेटिंग रूम में ले जाकर बताया गया कि किस प्रकार पूरे शहर में डिजिटल माध्यम से ट्रैफिक प्रबंधन किया जाता है।
कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने स्वयं आईटीएमएस के माध्यम से आम नागरिकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया और अनाउंसमेंट सिस्टम के जरिए अव्यवस्थित रूप से खड़े वाहनों को व्यवस्थित करने की अपील की।
साथ ही डायल 112 की कार्यप्रणाली, साइबर अपराध से बचाव, ऑनलाइन फ्रॉड, फेक आईडी, सोशल मीडिया मॉनिटरिंग और डायल 1930 जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी विस्तार से जानकारी दी गई।
इस पहल का उद्देश्य छात्रों को जागरूक कर उन्हें समाज में यातायात और साइबर सुरक्षा के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनाना है।





