May 16, 2026

सर्पदंश मुआवजा घोटाला उजागर, 15 फर्जी मामलों में 70 लाख की वसूली—जांच के आदेश

फर्जी मामलों से सरकारी खजाने को चूना

बिलासपुर। जिले में सर्पदंश के नाम पर बड़ा घोटाला सामने आया है। मृतकों के परिजन, वकील और डॉक्टरों की मिलीभगत से 15 फर्जी मामलों में करीब 68 से 70 लाख रुपए का मुआवजा निकाल लिया गया।

एसएसपी ने दिए जांच के निर्देश

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी रजनेश सिंह ने सात थानों के थाना प्रभारियों को विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं। पुलिस अब सभी संदिग्ध मामलों की दोबारा जांच करेगी।

17 संदिग्ध मामलों की पहचान

जिला प्रशासन की शुरुआती जांच में कुल 17 मामले संदिग्ध पाए गए हैं, जिनमें दस्तावेजों में हेरफेर कर फर्जी तरीके से मुआवजा लिया गया। पुलिस अब मर्ग डायरी फिर से खोलकर डोर-टू-डोर वेरिफिकेशन करेगी।

राज्य योजना का किया गया दुरुपयोग

राज्य आपदा मोचन निधि के तहत सर्पदंश से मृत्यु पर 4 लाख रुपए की सहायता दी जाती है। इसी योजना का दुरुपयोग कर जालसाजों ने बड़ी रकम हड़प ली।

अफसरों की भूमिका पर भी सवाल

इस घोटाले के सामने आने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। आशंका है कि जांच में कई रसूखदार और विभागीय अधिकारी भी सामने आ सकते हैं।

राजस्व मंत्री ने जताई थी चिंता

राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने पहले ही इस मामले में गड़बड़ी पर चिंता जताते हुए जांच के निर्देश दिए थे। उन्होंने कहा था कि बिना अधिकारियों की मिलीभगत के इतनी बड़ी अनियमितता संभव नहीं है।

विधानसभा में भी उठा मामला

बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला ने इस मुद्दे को विधानसभा में उठाया था। उन्होंने बताया कि एक साल में असामान्य रूप से अधिक सर्पदंश मामलों में मुआवजा बांटा गया।

जल्द दर्ज होंगे केस, गिरफ्तारी संभव

एसएसपी रजनेश सिंह के अनुसार, अब तक की जांच में कुछ मामलों में फर्जी दस्तावेज और अधिकारियों के हस्ताक्षर पाए गए हैं। जल्द ही एफआईआर दर्ज कर दोषियों की गिरफ्तारी की जाएगी।