बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में बर्ड फ्लू का गंभीर मामला सामने आया है। कोनी स्थित कुक्कुट पालन केंद्र में संक्रमण के चलते 25 हजार से अधिक मुर्गियों की मौत हो गई है, जिससे पशु चिकित्सा विभाग को करीब एक करोड़ रुपए के नुकसान का अनुमान है।
संक्रमण की पुष्टि के बाद हड़कंप
जिले में बर्ड फ्लू की पुष्टि होते ही प्रशासन और पशु चिकित्सा विभाग में हड़कंप मच गया। संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए तत्काल सख्त कदम उठाए गए।
22 हजार से ज्यादा पक्षियों का नष्टीकरण
संयुक्त संचालक पशु चिकित्सा विभाग के निर्देशन में रैपिड रिस्पांस टीम का गठन कर प्रभावित क्षेत्र में कार्रवाई की गई।
टीम ने संक्रमित और संदिग्ध क्षेत्र में मौजूद:
- 22,808 पक्षियों
- 25,896 अंडों
- करीब 79 क्विंटल दाने
का वैज्ञानिक तरीके से नष्टीकरण किया, ताकि संक्रमण की श्रृंखला को पूरी तरह समाप्त किया जा सके।
जिलेभर में पोल्ट्री गतिविधियां बंद
संक्रमण के खतरे को देखते हुए कोनी कुक्कुट केंद्र में काम पूरी तरह बंद कर दिया गया है। इसके साथ ही एहतियात के तौर पर जिलेभर के अन्य मुर्गी पालन केंद्रों में भी गतिविधियां रोक दी गई हैं।
1 करोड़ के नुकसान का दावा
जेडी पशु चिकित्सा विभाग जीएस तंवर के अनुसार, इस पूरे घटनाक्रम में हजारों पक्षियों, अंडों और दाने के नष्ट होने से विभाग को करीब 1 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है।
केंद्रीय टीम ने सौंपी रिपोर्ट
मामले की जांच के लिए पहुंची स्वास्थ्य विभाग की केंद्रीय टीम ने अपनी रिपोर्ट कलेक्टर को सौंप दी है। जानकारी के मुताबिक, टीम के अधिकारी बुधवार को वापस लौट जाएंगे।
सतर्कता और निगरानी बढ़ाई गई
प्रशासन ने संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए निगरानी बढ़ा दी है और सभी आवश्यक प्रोटोकॉल का पालन किया जा रहा है।





