May 15, 2026

छत्तीसगढ़ कैबिनेट के बड़े फैसले: UCC पर समिति गठन, महिलाओं को रजिस्ट्रेशन में 50% छूट

CG Cabinet Decisions : रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में कई अहम और दूरगामी फैसले लिए गए। बैठक में समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर बड़ा निर्णय लेते हुए इसके प्रारूप तैयार करने के लिए उच्चस्तरीय समिति के गठन को मंजूरी दी गई है। यह समिति सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में काम करेगी और राज्य के नागरिकों, संगठनों व विशेषज्ञों से सुझाव लेकर ड्राफ्ट तैयार करेगी।

दरअसल, छत्तीसगढ़ में वर्तमान में विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, दत्तक ग्रहण और भरण-पोषण जैसे मामलों में अलग-अलग धर्मों के आधार पर अलग-अलग कानून लागू हैं। संविधान के अनुच्छेद 44 के तहत सभी नागरिकों के लिए समान नागरिक संहिता लागू करने का प्रावधान है, जिसे ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने यह पहल की है। समिति वेब पोर्टल के माध्यम से भी सुझाव आमंत्रित करेगी और उसके आधार पर तैयार प्रारूप को मंत्रिपरिषद की मंजूरी के बाद विधानसभा में पेश किया जाएगा।

महिलाओं को बड़ी राहत
कैबिनेट ने महिलाओं के हित में एक महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए उनके नाम पर होने वाले भूमि रजिस्ट्रेशन शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट देने का निर्णय लिया है। सरकार का मानना है कि इससे महिलाओं को संपत्ति अर्जन के लिए प्रोत्साहन मिलेगा और वे आर्थिक रूप से सशक्त होंगी। हालांकि, इस निर्णय से राज्य को लगभग 153 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान होने का अनुमान है, लेकिन महिला सशक्तीकरण को प्राथमिकता देते हुए इसे अहम कदम माना गया है।

सैनिकों को स्टाम्प शुल्क में छूट
राज्य के सेवारत सैनिकों, भूतपूर्व सैनिकों और उनकी विधवाओं को राहत देते हुए कैबिनेट ने उन्हें जीवन में एक बार 25 लाख रुपये तक की संपत्ति खरीदने पर स्टाम्प शुल्क में 25 प्रतिशत की छूट देने का निर्णय लिया है। इससे उन्हें स्थायी निवास स्थापित करने में आर्थिक सहूलियत मिलेगी।

औद्योगिक और खनन नियमों में बदलाव
बैठक में छत्तीसगढ़ औद्योगिक भूमि एवं भवन प्रबंधन नियम, 2015 में संशोधन को मंजूरी दी गई। इससे सेवा क्षेत्र को भूमि आवंटन में स्पष्ट पात्रता मिलेगी और उद्योगों के लिए ऋण व निवेश के नए विकल्प खुलेंगे। वहीं गौण खनिज नियमों में संशोधन कर अवैध खनन पर सख्ती बढ़ाई गई है और न्यूनतम जुर्माना 25 हजार रुपये से लेकर 5 लाख रुपये तक निर्धारित किया गया है।

रेत खदानों को अब राज्य या केंद्र के सार्वजनिक उपक्रमों के लिए आरक्षित किया जा सकेगा, जिससे रेत की आपूर्ति में सुधार और एकाधिकार की स्थिति खत्म होने की उम्मीद है।

पशुपालन और रोजगार को बढ़ावा
मंत्रिपरिषद ने दुधारू पशु प्रदाय योजना में संशोधन करते हुए सभी वर्गों के हितग्राहियों को शामिल करने का निर्णय लिया है, जिससे स्वरोजगार और आय में वृद्धि होगी। इसके अलावा पशुओं के टीकाकरण को सुनिश्चित करने के लिए हैदराबाद स्थित एजेंसी से सीधे टीकों की खरीदी को मंजूरी दी गई है, ताकि समय पर वैक्सीन उपलब्ध हो सके।

पेंशन भुगतान पर बड़ा फैसला
कैबिनेट ने मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के बीच पेंशन दायित्वों के बंटवारे से जुड़े मामले में 10,536 करोड़ रुपये के अतिरिक्त भुगतान की वापसी पर सहमति दी है। इसमें से 2,000 करोड़ रुपये पहले ही प्राप्त हो चुके हैं, जबकि शेष राशि आगामी 6 वर्षों में किस्तों में मिलेगी।

इसके साथ ही बैठक में आगामी खरीफ सीजन के लिए उर्वरकों की उपलब्धता और राज्य में LPG गैस सप्लाई की स्थिति की भी समीक्षा की गई। सरकार के इन फैसलों को प्रशासनिक सुधार, आर्थिक मजबूती और सामाजिक संतुलन की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।