July 23, 2026

CG Morning News | रथयात्रा में शामिल होंगे CM विष्णुदेव साय, अतिथि शिक्षकों का विधानसभा घेराव आज, धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम-2026 लागू

रायपुर। छत्तीसगढ़ में आज कई महत्वपूर्ण घटनाक्रम होने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय रायपुर और जशपुर में आयोजित भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा में शामिल होंगे। वहीं, अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदेशभर के अतिथि शिक्षक राजधानी रायपुर में विधानसभा का घेराव करेंगे। इधर, राज्य सरकार द्वारा अधिसूचना जारी होने के बाद छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम-2026 पूरे प्रदेश में लागू हो गया है।

रायपुर और जशपुर में रथयात्रा में शामिल होंगे CM साय

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सुबह 11 बजे रायपुर के गायत्री नगर स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे। इसके बाद वे रथयात्रा महोत्सव-2026 में शामिल होकर श्रद्धालुओं के साथ रथयात्रा में भाग लेंगे। दोपहर में हेलीकॉप्टर से जशपुर जिले के कांसाबेल विकासखंड स्थित दोकड़ा गांव पहुंचेंगे, जहां श्री जगन्नाथ मंदिर में दोपहर 1:35 बजे से शाम 4:30 बजे तक आयोजित रथयात्रा कार्यक्रम में शामिल होंगे। कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री अपने बगिया स्थित निज निवास पहुंचकर रात्रि विश्राम करेंगे।

अतिथि शिक्षक आज करेंगे विधानसभा का घेराव

प्रदेशभर के राज्य अतिथि शिक्षक आज राजधानी रायपुर में अपनी मांगों को लेकर विधानसभा का घेराव करेंगे। सभी अतिथि शिक्षक तूता धरना स्थल पर एकत्र होकर पैदल मार्च के जरिए विधानसभा की ओर कूच करेंगे। आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगों में संविलियन, नियमितीकरण और समान कार्य के लिए समान वेतन लागू करना शामिल है। अतिथि शिक्षकों ने चेतावनी दी है कि मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन और तेज किया जाएगा।

छत्तीसगढ़ में धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम-2026 लागू

राज्य सरकार ने अवैध धर्मांतरण पर रोक लगाने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम-2026 लागू कर दिया है। राजपत्र में अधिसूचना जारी होने के साथ ही यह कानून पूरे प्रदेश में प्रभावी हो गया है।

नए कानून के तहत बल, प्रलोभन या धोखाधड़ी से धर्म परिवर्तन कराने पर 7 से 10 वर्ष तक की सजा और कम से कम 5 लाख रुपये जुर्माने का प्रावधान किया गया है। यदि पीड़ित महिला, नाबालिग या अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति अथवा अन्य पिछड़ा वर्ग से संबंधित है, तो दोषियों को 10 से 20 वर्ष तक की सजा हो सकती है। सामूहिक धर्मांतरण के मामलों में आजीवन कारावास और 25 लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान रखा गया है।

कानून के अनुसार धर्म परिवर्तन से 60 दिन पहले कलेक्टर को सूचना देना अनिवार्य होगा। केवल विवाह के उद्देश्य से किया गया धर्म परिवर्तन अमान्य माना जा सकेगा। साथ ही, मामलों के त्वरित निपटारे के लिए प्रत्येक जिले में विशेष अदालतें गठित की जाएंगी, जहां छह माह के भीतर सुनवाई पूरी करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।