रायपुर। राजधानी रायपुर के संजय नगर में एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत के मामले में एसआईटी जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। प्रारंभिक जांच के अनुसार मृतक साजिद अली ऑनलाइन सट्टेबाजी के चलते भारी कर्ज में डूब गया था। कर्ज से उबरने के लिए उसने बाजार से ऊंची ब्याज दर पर करीब 16 लाख रुपये उधार लिए थे। रकम नहीं चुका पाने के कारण कर्जदाता लगातार उस पर दबाव बना रहे थे और घर पहुंचकर धमकी भी दे रहे थे।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, जांच में सामने आया है कि साजिद अली ने पहले अपनी पत्नी राबिया, बेटे इरशाद, बेटी शाहिदा बेगम और इरशाबा परवीन को जहर दिया। इसके बाद वह पूरी रात शवों के पास बैठा रहा और करीब नौ घंटे बाद खुद फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। एसआईटी आर्थिक संकट के साथ-साथ पारिवारिक विवाद और अन्य संभावित कारणों की भी जांच कर रही है।
तकनीकी जांच के दौरान पुलिस को साजिद अली के मोबाइल फोन से दो संदिग्ध मोबाइल नंबर मिले हैं, जिन पर उसकी लगातार बातचीत होती थी। जांच में पता चला कि 17 जुलाई की रात भी इन नंबरों पर उसकी बातचीत हुई थी, जबकि 18 जुलाई की रात परिवार के पांचों सदस्यों के शव बरामद हुए। घटना के बाद से दोनों नंबर बंद हैं और पुलिस उनकी तलाश में जुटी है।
जांच में यह भी सामने आया कि साजिद बैटरी निर्माण का विशेषज्ञ था, लेकिन पिछले करीब एक वर्ष से उसने काम बंद कर दिया था। इसके बावजूद परिवार का खर्च चलता रहा। पुलिस को उसके मोबाइल और बैंक खातों की जांच में आईपीएल सट्टेबाजी से जुड़े लेन-देन के अहम सुराग मिले हैं। फिलहाल एसआईटी पूरे मामले के हर पहलू की गहन जांच कर रही है।




