July 31, 2026

दंतेवाड़ा के आदेश पर बवाल, संविदा कर्मचारियों ने जताया विरोध; कार्रवाई की मांग

रायपुर। दंतेवाड़ा कलेक्ट्रेट की आदिवासी विकास शाखा द्वारा जारी एक आदेश को लेकर प्रदेशभर के संविदा और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों में नाराजगी देखने को मिल रही है। कर्मचारियों का आरोप है कि आदेश में उन्हें सम्मान के दायरे से बाहर दिखाया गया है, जिससे उनकी भावनाएं आहत हुई हैं। इसे लेकर कर्मचारियों ने संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई और आदेश को तत्काल निरस्त करने की मांग की है।

छत्तीसगढ़ संविदा कर्मचारी संघ के प्रदेश प्रवक्ता पुरन दास ने कहा कि प्रदेश में दो लाख से अधिक संविदा, दैनिक वेतनभोगी और अन्य अनियमित कर्मचारी विभिन्न सरकारी विभागों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। ड्राइवर से लेकर मंत्रालय, मुख्यमंत्री निवास, मंत्रियों के कार्यालय, आईएएस अधिकारियों के सरकारी आवास और अन्य विभागों में यही कर्मचारी दिन-रात कार्य कर शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

उन्होंने कहा कि यदि सरकार सभी कर्मचारियों को सम्मान नहीं दे सकती, तो कम से कम ऐसा कोई सार्वजनिक आदेश जारी नहीं किया जाना चाहिए, जिससे संविदा और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को सम्मान से वंचित दिखाया जाए। उनके अनुसार, यह आदेश कर्मचारियों के वर्षों के परिश्रम, समर्पण और योगदान का अपमान है।

संघ ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से मामले में हस्तक्षेप करने की मांग करते हुए कहा कि कर्मचारियों का मनोबल गिराने वाली मानसिकता रखने वाले अधिकारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए और संबंधित आदेश को तत्काल वापस लिया जाए। साथ ही सभी संविदा, दैनिक वेतनभोगी और अन्य कर्मचारियों के साथ सम्मानजनक एवं गरिमापूर्ण व्यवहार सुनिश्चित करने की मांग भी की गई है।

संविदा कर्मचारी संघ ने उम्मीद जताई है कि राज्य सरकार इस मामले को गंभीरता से लेते हुए राज्य के विकास में योगदान देने वाले प्रत्येक कर्मचारी के सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाएगी।