July 23, 2026

Gold-Silver Price Today: सोना 483 और चांदी 787 रुपये सस्ती, खरीदारी का अच्छा मौका

बिजनेस डेस्क। गुरुवार 23 जुलाई को सोने और चांदी की कीमतों में घरेलू वायदा बाजार के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी हल्की गिरावट दर्ज की गई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोना 483 रुपये और चांदी 787 रुपये सस्ती हुई है। वहीं वैश्विक बाजार COMEX में भी दोनों की कीमतों पर दबाव देखने को मिला। ऐसे में सर्राफा बाजार में खरीदारी की योजना बना रहे लोगों के लिए यह अच्छा अवसर माना जा रहा है।

MCX पर सोना-चांदी के ताजा भाव

MCX पर सुबह 9:01 बजे सोना 1,45,210 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता दिखा। पिछले कारोबारी सत्र में इसका भाव 1,45,693 रुपये था। इस तरह सोने में 483 रुपये की गिरावट दर्ज की गई।

वहीं चांदी का भाव 2,26,393 रुपये प्रति किलोग्राम रहा। बुधवार को यह 2,27,180 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी। यानी आज चांदी 787 रुपये सस्ती हो गई।

ग्लोबल मार्केट में भी दबाव

अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी बाजार COMEX में सोना 0.44 प्रतिशत की गिरावट के साथ 4,133.70 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा। वहीं चांदी 0.17 प्रतिशत टूटकर 60.195 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। इससे स्पष्ट है कि घरेलू और वैश्विक दोनों बाजारों में कीमती धातुओं की कीमतों पर दबाव बना हुआ है।

देश के प्रमुख शहरों में चांदी के दाम

आज दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, पटना और इंदौर में चांदी का भाव 2,40,100 रुपये प्रति किलोग्राम है। वहीं चेन्नई और हैदराबाद में चांदी 2,45,100 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर कारोबार कर रही है।

क्यों आई कीमतों में गिरावट?

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाक्रम का असर कीमती धातुओं पर दिखाई दे रहा है। लाल सागर में हूती विद्रोहियों द्वारा जहाजों को निशाना बनाए जाने और अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बनी हुई है। इस बीच ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 96 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है, जिससे महंगाई बढ़ने की आशंका भी गहराई है।

फेडरल रिजर्व के फैसले पर टिकी बाजार की नजर

अब निवेशकों की नजर अगले सप्ताह होने वाली अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति बैठक पर है। पहले माना जा रहा था कि फेड ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा, लेकिन कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और महंगाई की आशंकाओं के चलते ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है। इन वैश्विक कारकों का असर फिलहाल सोने और चांदी की कीमतों पर साफ तौर पर देखने को मिल रहा है।