रायपुर। छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CGMSC) से जुड़े बहुचर्चित घोटाले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। एसीबी-ईओडब्ल्यू ने गुरुवार को कोर्ट में 3500 से अधिक पन्नों का पूरक चालान पेश किया है। यह चालान चार आरोपियों के खिलाफ दाखिल किया गया है, जो फिलहाल रायपुर सेंट्रल जेल में बंद हैं।
मामले में अभिषेक कौशल, राकेश जैन, प्रिंस कोचर और कुंजल शर्मा को आरोपी बनाया गया है। जांच एजेंसी के अनुसार यह प्रकरण अपराध क्रमांक 05/2025 के तहत दर्ज है, जिसमें भारतीय दंड संहिता की धारा 409 और 120बी सहित भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है।

जांच में सामने आया है कि ‘हमर लैब’ योजना के तहत मेडिकल उपकरणों और रिएजेंट्स की खरीद प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं की गईं। आरोप है कि निविदा प्रक्रिया में शामिल फर्मों ने आपसी मिलीभगत से टेंडर की शर्तों को प्रभावित किया और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अपनी पात्रता साबित की।
एजेंसी के अनुसार, तीन प्रमुख फर्मों द्वारा कार्टेल बनाकर टेंडर भरे गए, जिसमें उत्पाद, पैक साइज और दरें एक समान पैटर्न में दर्शाई गईं। इससे प्रतिस्पर्धा प्रभावित हुई और प्रक्रिया पारदर्शी नहीं रही।
जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि मेडिकल रिएजेंट्स और कंज्यूमेबल्स की आपूर्ति एमआरपी से कई गुना अधिक दरों पर की गई। आरोप है कि तीन गुना तक कीमत वसूल कर शासन को करीब 550 करोड़ रुपये का आर्थिक नुकसान पहुंचाया गया।
अब तक इस मामले में 10 आरोपियों के खिलाफ चालान पेश किया जा चुका है। एसीबी-ईओडब्ल्यू ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच जारी है और साक्ष्यों के आधार पर आगे भी दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।





