बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने महिला एवं बाल विकास विभाग की अधिसूचना के आधार पर राज्य के विभिन्न जिलों में संचालित किशोर न्याय बोर्ड (Juvenile Justice Board) में प्रधान न्यायाधीशों की नियुक्ति को लेकर महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। इस फैसले के तहत प्रदेश के 10 जिलों में नए प्रधान न्यायाधीशों की पदस्थापना की गई है, जिससे किशोर न्याय से जुड़े मामलों के त्वरित निपटारे की उम्मीद बढ़ गई है।
इन जिलों में हुई प्रधान न्यायाधीशों की नियुक्ति
हाईकोर्ट द्वारा जारी आदेश के अनुसार विभिन्न न्यायिक अधिकारियों को अलग-अलग जिलों के किशोर न्याय बोर्ड में प्रधान न्यायाधीश के रूप में पदस्थ किया गया है।
- कल्पना भगत – अंबिकापुर
- दिव्या गोयल – जशपुर
- सविता सिंह ठाकुर – बिलासपुर
- सिद्धार्थ आनंद सोनी – जांजगीर
- आरती ठाकुर – बेमेतरा
- माधुरी मरकाम – राजनांदगांव
- अंशुल वर्मा – गरियाबंद
- अंकिता तिग्गा – कांकेर
- अरुण नोर्गे – महासमुंद
- विनय कुमार साहू – धमतरी
- मीनू नंद – सुकमा
इन नियुक्तियों से प्रदेश में किशोर अपराध से जुड़े मामलों की सुनवाई को और अधिक प्रभावी और व्यवस्थित बनाने में मदद मिलेगी।
रायपुर में विशेष न्यायाधीश की नियुक्ति
इसके अलावा हाईकोर्ट ने न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी रायपुर, खिलेश्वरी सिन्हा को एक विशेष जिम्मेदारी भी सौंपी है।
उन्हें विधि एवं विधायी कार्य विभाग की अधिसूचना के तहत पूरे छत्तीसगढ़ राज्य के लिए विशेष न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति उन मामलों के लिए है जिनकी जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा की गई हो, हालांकि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 से संबंधित मामलों को इसमें शामिल नहीं किया गया है।
इस विशेष न्यायालय का मुख्यालय रायपुर में रहेगा।
न्याय व्यवस्था को मिलेगा मजबूती
हाईकोर्ट के इस आदेश को न्याय व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। किशोर न्याय बोर्ड में प्रधान न्यायाधीशों की नियुक्ति से लंबित मामलों के निपटारे में तेजी आएगी और बच्चों से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता के साथ सुनवाई सुनिश्चित होगी।
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का यह निर्णय न्यायिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के साथ-साथ किशोर न्याय प्रणाली को मजबूत करने की दिशा में अहम पहल है। इससे न केवल मामलों का त्वरित समाधान होगा, बल्कि न्याय प्रक्रिया में पारदर्शिता और भरोसा भी बढ़ेगा।





