धमतरी। आम उपभोक्ताओं का बिजली बिल बकाया होने पर कनेक्शन काटे जाने की कार्रवाई तो अक्सर सामने आती है, लेकिन धमतरी में बिजली विभाग ने एक सरकारी कार्यालय पर बड़ी कार्रवाई की है। करीब 98 हजार रुपये का बिजली बिल बकाया होने पर जिला पंजीयक कार्यालय का बिजली कनेक्शन काट दिया गया है। यह वही कार्यालय है, जहां जमीन और संपत्ति की रजिस्ट्री से जुड़े महत्वपूर्ण काम होते हैं।
छह महीने से जमा नहीं हुआ था बिजली बिल
जानकारी के मुताबिक जिला पंजीयक कार्यालय पर करीब 98 हजार रुपये बिजली बिल बकाया था। बताया जा रहा है कि अप्रैल से बिजली बिल का भुगतान नहीं किया गया था। लगातार बकाया बढ़ने के बाद बिजली विभाग ने कार्यालय को कई बार नोटिस जारी कर भुगतान करने के निर्देश दिए।
इसके बावजूद बकाया राशि जमा नहीं होने पर बिजली विभाग ने सख्ती दिखाते हुए कार्यालय का बिजली कनेक्शन काट दिया।
नोटिस के बाद भी नहीं हुआ भुगतान
बिजली विभाग की ओर से बकाया बिल को लेकर जिला पंजीयक कार्यालय को कई बार सूचना दी गई थी। जिला प्रशासन की ओर से भी संबंधित विभाग को बिजली बिल जमा करने के लिए निर्देशित किया गया था। इसके बाद भी भुगतान नहीं होने पर आखिरकार बिजली विभाग को कनेक्शन काटने की कार्रवाई करनी पड़ी।
सरकारी कार्यालय का बिजली कनेक्शन कटने के बाद यहां होने वाले नियमित कामकाज पर असर पड़ने की स्थिति बन गई है।
रजिस्ट्री कराने पहुंचने वाले लोगों की बढ़ी परेशानी
जिला पंजीयक कार्यालय में रोजाना जमीन और संपत्ति की रजिस्ट्री कराने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। बिजली आपूर्ति बंद होने से कार्यालय के जरूरी काम प्रभावित होने की आशंका है।
खास तौर पर ऑनलाइन सिस्टम और कंप्यूटर से जुड़े कामों पर इसका सीधा असर पड़ सकता है। अब बिजली कनेक्शन बहाल कराने के लिए कार्यालय को पहले बकाया बिजली बिल का भुगतान करना होगा।
कलेक्टर ने कहा- सरकारी विभागों को भी नहीं मिलेगी छूट
मामले को लेकर जिला कलेक्टर ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि बिजली बिल बकाया होने पर सरकारी विभाग भी कार्रवाई से अछूते नहीं रहेंगे। जिन सरकारी कार्यालयों पर बिजली बिल लंबित है, उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर के इस रुख के बाद जिले के अन्य सरकारी कार्यालयों के लंबित बिजली बिलों पर भी कार्रवाई की संभावना बढ़ गई है।
छह महीने तक बिल क्यों नहीं हुआ जमा?
इस पूरे मामले में सवाल उठ रहा है कि जिला पंजीयक कार्यालय जैसे महत्वपूर्ण सरकारी दफ्तर का बिजली बिल करीब छह महीने तक जमा क्यों नहीं हुआ। समय पर भुगतान नहीं होने के कारण बकाया राशि बढ़कर करीब 98 हजार रुपये हो गई और अंत में बिजली विभाग ने कनेक्शन ही काट दिया।
फिलहाल बिजली कनेक्शन कटने के बाद कार्यालय का कामकाज प्रभावित होने की स्थिति बनी हुई है। इस कार्रवाई से प्रशासन ने साफ संदेश दिया है कि बिजली बिल के भुगतान में लापरवाही करने पर सरकारी कार्यालयों को भी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।





