May 16, 2026

छत्तीसगढ़ स्कूलों में नया प्रयोग: राष्ट्रगान के साथ मंत्रोच्चार और महापुरुषों पर व्याख्यान, कांग्रेस ने उठाए सवाल

रायपुर: छत्तीसगढ़ में आगामी शैक्षणिक सत्र से स्कूलों की शिक्षण पद्धति में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने बताया कि सरकार छात्रों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए नई पहल शुरू करने जा रही है।

मंत्री के अनुसार, अब स्कूलों में प्रतिदिन राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान के साथ 2-3 मंत्रों का उच्चारण कराया जाएगा। इसके अलावा हर दिन किसी एक महापुरुष के जीवन पर 5 मिनट का व्याख्यान भी आयोजित किया जाएगा, ताकि विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों का विकास हो सके।

उन्होंने बताया कि शनिवार को स्कूलों में स्थानीय खेल और तीज-त्योहारों से जुड़ी गतिविधियां कराई जाएंगी। साथ ही सहायक वाचन में भी स्थानीय परंपराओं को शामिल किया जाएगा। योग, गार्डनिंग और हाउसकीपिंग जैसी गतिविधियों को भी पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया जाएगा।

इसी बीच, शिक्षण पद्धति को आधुनिक बनाने के लिए स्कूल प्राचार्यों की कार्यशाला भी आयोजित की गई है, जिसमें गूगल के विशेषज्ञ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उपयोग को लेकर प्रशिक्षण दे रहे हैं।

सरकार की इस पहल पर विपक्ष ने सवाल उठाए हैं। छत्तीसगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि अभी तक कई स्कूलों में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बच्चों को समय पर किताबें नहीं मिल रही हैं, RTE के तहत प्रवेश में दिक्कतें हैं और कई स्कूलों में शिक्षक व शौचालय की कमी है।

उन्होंने तंज कसते हुए पूछा कि क्या सरकार सरकारी स्कूलों को ‘शिशु मंदिर’ बनाना चाहती है। साथ ही सुझाव दिया कि मंत्रोच्चार के बजाय सरकार को शिक्षा व्यवस्था की मूलभूत समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए।