May 15, 2026

Durg-Bhilai-Rajnandgaon News Update: आमनेर नदी सूखी, भूजल स्तर गिरा: दुर्ग जिले के गांवों में पेयजल और सिंचाई का गहरा संकट, किसान परेशान

दुर्ग–भिलाई क्षेत्र में जल संकट गहराया, प्रशासनिक गतिविधियों में तेजी

दुर्ग/भिलाईनगर। जिले में गर्मी का मौसम पूरी तरह शुरू होने से पहले ही जल संकट ने गंभीर रूप ले लिया है। आमनेर नदी के पूरी तरह सूख जाने और जलाशयों से समय पर पानी नहीं छोड़े जाने के कारण भूजल स्तर लगातार गिरता जा रहा है। इसके चलते आसपास के अनेक ग्रामों में 50 प्रतिशत से अधिक बोरवेल बंद हो चुके हैं, जिससे पेयजल और निस्तारी की समस्या विकराल होती जा रही है।

ग्रामीण क्षेत्रों में हालात बेहद चिंताजनक हैं। ग्राम घसरा निवासी किसान चंद्रिका पटेल ने बताया कि उनके गांव में लगभग 70 प्रतिशत बोर सूख चुके हैं। उन्होंने 7 एकड़ में गेहूं की फसल बोई थी, लेकिन पानी की कमी के कारण फसल पूरी तरह पक नहीं पाई। इसी तरह ग्राम खिलोरा खुर्द के किसान जगन्नाथ पटेल ने बताया कि नदी सूखने से गांव के आधे से अधिक बोर बंद हो गए हैं और जो कुछ बोर चालू हैं, उन्हीं के सहारे किसान सिंचाई कर रहे हैं। कई किसान दूसरों के बोर से पानी लेकर अपनी फसल बचाने का प्रयास कर रहे हैं।

ग्राम सुखरी के वेद राम पटेल ने बताया कि गांव में निस्तारी के लिए कोई तालाब (तरिया) नहीं है और आमनेर नदी के सूख जाने से दैनिक उपयोग के पानी की भी भारी समस्या उत्पन्न हो गई है। महिलाओं को विशेष रूप से पानी लाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। तुमकला के प्रकाश कश्यप ने बताया कि उनके यहां केवल एक बोर चालू है, जिससे पूरे गांव का काम चल रहा है। उन्होंने सब्जियों की फसल ली है, जिसे बचाने के लिए उन्हें दूसरे स्थानों से पानी लाना पड़ रहा है।

भाठा कोकड़ी और डोड़की जैसे गांवों में भी भूजल स्तर गिरने से कई बोर बंद हो चुके हैं। किसानों का कहना है कि पहले मार्च महीने में आमनेर नदी में पानी छोड़ा जाता था, जिससे कुछ राहत मिलती थी, लेकिन इस बार अप्रैल के मध्य तक भी पानी नहीं छोड़ा गया है, जिससे स्थिति और बिगड़ गई है।

शहरी क्षेत्र में भी जल आपूर्ति बाधित

भिलाई नगर निगम क्षेत्र में भी पानी की समस्या बनी हुई है। सुपेला संडे बाजार के पास 32 लाख लीटर क्षमता की पानी टंकी का निर्माण किया गया है और 77 एमएलडी फिल्टर प्लांट से पानी टंकी तक पहुंच भी रहा है। बावजूद इसके, पाइपलाइन व्यवस्था ठीक नहीं होने के कारण यह पानी घरों तक नहीं पहुंच पा रहा है।

स्थानीय पार्षदों को वार्डों में पानी की आपूर्ति के लिए टैंकर मंगाने पड़ रहे हैं। कई जगहों पर जरूरत के बावजूद समय पर टैंकर नहीं पहुंच पा रहे हैं, जिससे लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। यह स्थिति दर्शाती है कि केवल संरचना निर्माण पर्याप्त नहीं है, बल्कि वितरण प्रणाली का सही संचालन भी उतना ही आवश्यक है।

विधायक निधि की प्रक्रिया हुई ऑनलाइन

प्रशासनिक स्तर पर पारदर्शिता और कार्यों में तेजी लाने के उद्देश्य से विधायक स्थानीय क्षेत्र विकास योजना (MLALADS) की पूरी प्रक्रिया अब ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से संचालित की जाएगी। दुर्ग संभाग के जिलों में इसके लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कलेक्टर अभिजीत सिंह ने बताया कि सांसद निधि की तरह अब विधायक निधि के कार्यों में भी अनुशंसा, स्वीकृति और आदेश की प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। इससे योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता आएगी और कार्यों में तेजी होगी। उन्होंने अधिकारियों को नई प्रणाली को समझकर प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए।

महतारी वंदन योजना के लिए e-KYC अनिवार्य

भिलाईनगर में महतारी वंदन योजना के तहत लाभ प्राप्त कर रही महिलाओं के लिए e-KYC कराना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके लिए 30 जून तक की समय सीमा निर्धारित की गई है।

महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा विशेष अभियान चलाया जा रहा है। यदि निर्धारित समय तक e-KYC पूरा नहीं किया जाता है, तो लाभार्थियों की अगली किस्त रोक दी जाएगी। योजना में पूर्व में हुई त्रुटियों के सुधार की प्रक्रिया भी जारी है, ताकि पात्र महिलाओं को सही समय पर लाभ मिल सके।

ऑपरेशन तलाश: 192 गुमशुदा लोगों को मिलाया परिवार से

दुर्ग पुलिस द्वारा 1 से 13 अप्रैल तक “ऑपरेशन तलाश” नामक विशेष अभियान चलाया गया, जिसके तहत जिले से गुम हुए 192 व्यक्तियों को खोजकर उनके परिवारों से मिलाया गया।

इस अभियान में 127 महिलाएं, 51 पुरुष, 5 बालक और 9 बालिकाएं शामिल हैं। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और मुखबिरों की मदद से इन लोगों का पता लगाया। कई मामलों में अन्य जिलों और राज्यों की पुलिस का भी सहयोग लिया गया।

परिवारों से मिलन के दौरान कई भावुक दृश्य देखने को मिले। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ऐसे अभियान भविष्य में भी जारी रहेंगे।

पाटन नगर पंचायत का 46.39 करोड़ का बजट

पाटन नगर पंचायत ने वित्तीय वर्ष 2026–27 के लिए 46 करोड़ 39 लाख 73 हजार रुपये का बजट प्रस्तुत किया है। इसमें नगर के विकास, बुनियादी सुविधाओं के विस्तार और जनकल्याणकारी योजनाओं को प्राथमिकता दी गई है।

राजस्व आय के तहत विभिन्न करों और शुल्कों से लगभग 11 करोड़ रुपये प्राप्त होने का अनुमान है, जबकि केंद्र और राज्य सरकार से मिलने वाली राशि को मिलाकर पूंजीगत आय 35 करोड़ रुपये से अधिक रखी गई है।

रेलवे ट्रैक पर लोहा रखने वाला बालक गिरफ्तार

राजनांदगांव जिले में रेलवे ट्रैक पर लोहे का टुकड़ा रखने के कारण एक ट्रेन के इंजन को नुकसान पहुंचने की घटना सामने आई। जांच के दौरान एक 15 वर्षीय बालक को गिरफ्तार किया गया, जिसने पूछताछ में स्वीकार किया कि उसने मजाक में ऐसा किया था।

इस घटना से रेलवे सुरक्षा और यात्री सुरक्षा पर गंभीर खतरा उत्पन्न हुआ। रेलवे सुरक्षा बल ने मामले में कार्रवाई करते हुए लोगों से इस प्रकार की गतिविधियों से दूर रहने की अपील की है।


दुर्ग–भिलाई और आसपास के क्षेत्रों में जल संकट सबसे बड़ी चुनौती बनकर उभर रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में जहां पेयजल और सिंचाई की भारी समस्या है, वहीं शहरी क्षेत्रों में भी जल आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह प्रभावी नहीं है।

हालांकि, प्रशासन द्वारा डिजिटल प्रणाली लागू करने, योजनाओं की निगरानी बढ़ाने और सुरक्षा अभियानों के माध्यम से सुधार के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन जल संकट के समाधान के लिए दीर्घकालिक और ठोस कदम उठाना आवश्यक है।