नई दिल्ली। केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू ने गुरुवार को नई दिल्ली में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल से मुलाकात कर छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच लंबे समय से लंबित महानदी जल विवाद के समाधान पर विस्तार से चर्चा की। बैठक में केंद्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री डॉ. राजभूषण चौधरी भी मौजूद रहे।
बैठक के दौरान तोखन साहू ने कहा कि महानदी जल विवाद का संतुलित, न्यायसंगत और समयबद्ध समाधान दोनों राज्यों के लाखों नागरिकों की जल सुरक्षा, किसानों की आजीविका और क्षेत्रीय विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने इस दिशा में केंद्र सरकार से शीघ्र पहल करने का आग्रह किया।
केंद्रीय मंत्री ने जल शक्ति मंत्री से अनुरोध किया कि केंद्रीय जल आयोग (CWC) को दोनों राज्यों के वरिष्ठ अधिकारियों की प्रस्तावित संयुक्त तकनीकी समिति का जल्द गठन करने के निर्देश दिए जाएं, ताकि तकनीकी स्तर पर सार्थक संवाद शुरू हो सके और विवाद के समाधान की प्रक्रिया आगे बढ़े।
तोखन साहू ने यह भी सुझाव दिया कि जल शक्ति मंत्रालय सभी संबंधित पक्षों के बीच समयबद्ध विचार-विमर्श सुनिश्चित करे, जिससे जल बंटवारे और अन्य विवादित मुद्दों पर आपसी सहमति से एक व्यावहारिक कार्ययोजना तैयार कर उसे जल्द न्यायाधिकरण के समक्ष प्रस्तुत किया जा सके।
उन्होंने विश्वास जताया कि केंद्र सरकार के समन्वित प्रयासों और दोनों राज्यों के सहयोग से महानदी जल विवाद का सौहार्दपूर्ण समाधान संभव है, जिससे दोनों राज्यों के हित सुरक्षित रहेंगे और महानदी बेसिन के जल संसाधनों का टिकाऊ एवं प्रभावी प्रबंधन सुनिश्चित किया जा सकेगा।
मुख्यमंत्रियों की जल्द होगी बैठक
केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने इस विषय पर तत्काल संज्ञान लेते हुए ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी से दूरभाष पर चर्चा की। इसके बाद अब छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के बीच महानदी जल विवाद पर जल्द ही एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित किए जाने की तैयारी है। माना जा रहा है कि इस बैठक से विवाद के शीघ्र और सकारात्मक समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हो सकती है।





