रायगढ़। खरसिया विधानसभा क्षेत्र के ग्राम तारापुर में सरपंच के खिलाफ प्रस्तावित अविश्वास प्रस्ताव को लेकर विवाद अब थाने तक पहुंच गया है। ग्रामीणों ने पुलिस और प्रशासन पर पंचों पर कथित दबाव बनाने और उन्हें धमकाने के आरोप लगाए हैं। गिरफ्तार उपसरपंच राजीव डनसेना की रिहाई की मांग को लेकर बड़ी संख्या में ग्रामीण कोतरा रोड थाने के सामने जमा हो गए। इस दौरान खरसिया विधायक एवं पूर्व मंत्री उमेश पटेल भी थाने पहुंचकर धरने पर बैठ गए।
अविश्वास प्रस्ताव को लेकर शुरू हुआ विवाद
ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत में सरपंच की कथित मनमानी के खिलाफ पंचों और ग्रामीणों ने अविश्वास प्रस्ताव की प्रक्रिया शुरू की है। इसी बीच पंचों पर दबाव बनाने और उन्हें डराने-धमकाने की कोशिश किए जाने का आरोप लगाया गया है।
इसी के विरोध में ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों ने कोतरा रोड थाने का घेराव कर उपसरपंच राजीव डनसेना को तत्काल रिहा करने की मांग की।
विधायक उमेश पटेल पहुंचे थाने, धरने पर बैठे
मामले ने राजनीतिक रूप तब ले लिया, जब कांग्रेस नेता, पूर्व मंत्री और खरसिया विधायक उमेश पटेल अपने समर्थकों के साथ कोतरा रोड थाने पहुंचे। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि पंचायत के अविश्वास प्रस्ताव की प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए पुलिस का इस्तेमाल किया जा रहा है।
उमेश पटेल थाने में ही धरने पर बैठ गए और उपसरपंच समेत पंचायत प्रतिनिधियों पर कथित दबाव बनाए जाने का आरोप लगाया।
पुलिस ने आरोपों से किया इनकार
वहीं, पुलिस ने ग्रामीणों और विधायक द्वारा लगाए गए आरोपों से इनकार किया है। जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशिमोहन के अनुसार, उपसरपंच के खिलाफ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज था।
पुलिस का कहना है कि उपसरपंच की गिरफ्तारी उसी दर्ज आपराधिक मामले में की गई है और इसका पंचायत में प्रस्तावित अविश्वास प्रस्ताव से कोई संबंध नहीं है।
गांव में तनाव, राजनीतिक टकराव बढ़ा
तारापुर में पहले से चल रहा पंचायत विवाद अब राजनीतिक टकराव का रूप लेता दिखाई दे रहा है। एक ओर ग्रामीण और पंचायत प्रतिनिधि पुलिस-प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठा रहे हैं, वहीं पुलिस इसे दर्ज आपराधिक मामले में की गई कानूनी कार्रवाई बता रही है।
विधायक उमेश पटेल के धरने पर बैठने के बाद मामला राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा का विषय बन गया है। फिलहाल ग्रामीण उपसरपंच की रिहाई और अविश्वास प्रस्ताव की प्रक्रिया में किसी भी तरह का दबाव नहीं बनाए जाने की मांग पर अड़े हुए हैं।





