रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विधानसभा में अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि उन्हें भूपेश बघेल के कुशासन के पांच साल याद आते हैं। उस दौरान केवल एक ही संवाद चलता था—“ऐसा कोई सगा नहीं, जिसे भूपेश बघेल ने ठगा नहीं।”
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कांग्रेस सरकार की कई योजनाएं केवल कागजों तक ही सीमित रह गईं। “नरवा, गरवा, घुरवा, बाड़ी” योजना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इन योजनाओं की वास्तविक स्थिति छत्तीसगढ़ की जनता अच्छी तरह जानती है।
आबकारी राजस्व में बढ़ोतरी का दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने डिजिटल गवर्नेंस और भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। इससे राजस्व में भी बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने बताया कि पिछली सरकार के समय आबकारी विभाग का राजस्व लगभग 5,110 करोड़ रुपये था, जो अब बढ़कर करीब 11,000 करोड़ रुपये होने का अनुमान है।
नक्सलवाद के खिलाफ कार्रवाई
साय ने कहा कि उनकी सरकार ने नक्सलवाद के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। कई नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया है। उन्होंने बताया कि अब तक 120 नक्सली आत्मसमर्पण कर चुके हैं और कई ने हथियार छोड़कर संविधान का रास्ता अपनाया है।
खनिज और डीएमएफ में पारदर्शिता का दावा
मुख्यमंत्री ने खनिज संसाधन विभाग का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस शासन में इस क्षेत्र की प्रगति रुक गई थी। ट्रांजिट पास को ऑनलाइन करने के बजाय मैन्युअल रखकर बड़े पैमाने पर घोटाले किए गए। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने डीएमएफ फंड के उपयोग में पारदर्शिता लाई है। पिछले दो वर्षों में 4,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्राप्त हुई है और 19,000 से अधिक कार्य स्वीकृत किए गए हैं।
ऊर्जा और डिजिटल प्रशासन पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को ध्यान में रखते हुए प्रदेश को ऊर्जा उत्पादन में अग्रणी बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का लाभ लेने की अपील करते हुए कहा कि लोग बिजली उत्पादक बनकर जीरो बिजली बिल की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।
उन्होंने प्रशासनिक सुधारों का जिक्र करते हुए बताया कि ई-ऑफिस प्रणाली के माध्यम से अब कहीं से भी फाइलों का निपटारा किया जा सकता है। इससे शासन व्यवस्था में पारदर्शिता और तेजी आई है।
एआई मिशन और युवाओं के लिए पहल
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में मुख्यमंत्री एआई मिशन के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके तहत उच्च शिक्षण संस्थानों, आईटीआई और पॉलिटेक्निक में एआई डेटा लैब्स और एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जाएंगे, जिससे युवाओं को नई तकनीक से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
मीडिया और भर्ती प्रक्रिया का भी किया जिक्र
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पिछली सरकार के दौरान कई पत्रकारों पर झूठे मुकदमे दर्ज किए गए और उन्हें परेशान किया गया। वहीं राज्य लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं में भी भ्रष्टाचार हुआ, जिसके खिलाफ उनकी सरकार ने सख्त कार्रवाई की है।
उन्होंने कहा कि उनकी सरकार का लक्ष्य विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को पूरा करना है।





