June 19, 2026

उज्बेकिस्तान की दो महिलाओं की वतन वापसी का रास्ता साफ, हाईकोर्ट ने डिपोर्टेशन प्रक्रिया तेज करने के दिए निर्देश

रायपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने उज्बेकिस्तान की दो महिला नागरिकों से जुड़े मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए उनकी वतन वापसी का रास्ता साफ कर दिया है। बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका की सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि सभी संबंधित पक्ष महिलाओं को उनके देश वापस भेजने के पक्ष में हैं, ऐसे में याचिका में अब कोई विवादित मुद्दा शेष नहीं रह गया है।

मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार, केंद्र सरकार और उज्बेकिस्तान दूतावास की ओर से अदालत को बताया गया कि दोनों महिलाओं को जल्द से जल्द उनके देश भेजने पर सभी की सहमति है। दूतावास ने भी डिपोर्टेशन प्रक्रिया शीघ्र पूरी कराने के लिए आवश्यक निर्देश जारी करने का अनुरोध किया था।

मार्च 2026 में होटल से हुई थी गिरफ्तारी

जानकारी के अनुसार उज्बेकिस्तान की नागरिक फेरूजा सबिरोवा और दिनोरा सफ्युतदिनोवा को मार्च 2026 में रायपुर के तेलीबांधा क्षेत्र स्थित एक निजी होटल से पकड़ा गया था। जांच में पता चला कि एक महिला वीजा की अवधि समाप्त होने के बाद भी भारत में रह रही थी, जबकि दूसरी महिला के पास वैध पासपोर्ट और वीजा नहीं था।

इसके बाद अप्रैल 2026 में तेलीबांधा पुलिस ने दोनों महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया था। गिरफ्तारी के बाद से दोनों को डिटेंशन सेंटर में रखा गया था।

हाईकोर्ट ने तत्काल प्रक्रिया शुरू करने के दिए निर्देश

मुख्य न्यायाधीश Ramesh Sinha और न्यायमूर्ति Ravindra Kumar Agrawal की खंडपीठ ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि सभी पक्ष डिपोर्टेशन के पक्ष में हैं, इसलिए दोनों महिलाओं को उज्बेकिस्तान भेजने की प्रक्रिया तत्काल शुरू की जाए।

अदालत के आदेश की प्रति मिलने के बाद पुलिस और संबंधित एजेंसियों ने डिपोर्टेशन की औपचारिक प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी शुरू कर दी है।

रायपुर जेल में बंद हैं 10 विदेशी नागरिक

गौरतलब है कि तेलीबांधा पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई के बाद दोनों महिलाओं को न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। उपलब्ध जानकारी के अनुसार वर्तमान में रायपुर जेल में इन दो महिलाओं सहित कुल 10 विदेशी नागरिक निरुद्ध हैं।