जगदलपुर। बस्तर में एक बार फिर एक खबर का बड़ा असर देखने को मिला है। जामगुड़ा पंचायत की दर्दनाक तस्वीर सामने आने के बाद प्रशासन हरकत में आया है। दिव्यांग महिला दुलमा कश्यप, जो घुटनों के बल रेंगकर पानी लाने को मजबूर थी, उसकी समस्या उजागर होते ही अधिकारियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसके घर तक नल कनेक्शन पहुंचा दिया है।
हालांकि यह राहत केवल एक घर तक सीमित रह गई है। गांव के बाकी ग्रामीण आज भी पानी की समस्या से जूझ रहे हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या व्यवस्था केवल एक मामले तक सीमित रहेगी या पूरे गांव को स्थायी समाधान मिलेगा।
शहर में भी जल संकट और बर्बादी साथ-साथ
इधर, जगदलपुर शहर में भीषण गर्मी के बीच जल संकट गहराता जा रहा है। कई इलाकों में पानी की कमी बनी हुई है, वहीं दूसरी ओर लाल चर्च, अग्रसेन चौक और सिटी कोतवाली के पास पाइपलाइन फूटने से हजारों लीटर पेयजल सड़कों पर बहकर बर्बाद हो रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, पाइपलाइन कई घंटों से क्षतिग्रस्त है, लेकिन समय पर मरम्मत नहीं हो पाई।
नगर निगम आयुक्त प्रवीण वर्मा ने बताया कि अमृत मिशन योजना के तहत बिछाई गई पाइपलाइन की टेस्टिंग चल रही है और जहां-जहां लीकेज है, उसे ठीक किया जा रहा है।
अधिकारियों ने किया वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण
शहर की जल व्यवस्था को लेकर नयामुंडा स्थित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का महापौर संजय पांडे, निगम आयुक्त समेत अन्य अधिकारियों ने निरीक्षण किया। इस दौरान प्लांट की कार्यप्रणाली, जल शुद्धिकरण की गुणवत्ता और वितरण व्यवस्था का जायजा लिया गया।
महापौर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहरवासियों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। साथ ही जलापूर्ति में किसी भी तरह की लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।





