दुर्ग। नगर निगम दुर्ग की बजट सभा मंगलवार को बेहद हंगामेदार रही। इस बार विपक्ष की भूमिका में कांग्रेस पार्षदों के बजाय भाजपा पार्षद ही काफी मुखर नजर आए। भाजपा पार्षदों ने अपनी ही शहरी सरकार को कई मुद्दों पर घेरा और तीखे सवाल उठाए। उनके तेवर इतने आक्रामक रहे कि मंत्रियों को जवाब देने में मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
शौचालय मुद्दे पर गरमाया माहौल, दो बार स्थगित हुई सभा
निगम मुख्यालय स्थित मोतीलाल वोरा सभागार में सुबह 11 बजे सभा शुरू होते ही पद्मनाभपुर पार्षद संजय अग्रवाल ने शौचालय निर्माण का मुद्दा उठाया। इस पर माहौल इतना गरमा गया कि सभापति श्याम शर्मा को बैठक एक घंटे के लिए स्थगित करनी पड़ी।
सभा दोबारा शुरू होने पर भी हंगामा थमा नहीं। भाजपा पार्षद सभापति के सामने धरने पर बैठ गए और नारेबाजी करने लगे, जिसके चलते सदन को फिर 10 मिनट के लिए स्थगित करना पड़ा।
जांच के लिए समिति गठित
लगातार हंगामे के बाद सभापति ने शौचालय निर्माण की जांच के लिए समिति गठित करने की घोषणा की। समिति में एमआईसी सदस्य काशीराम कोसरे और निलेश अग्रवाल के साथ पार्षद कुलेश्वर साहू व संजय अग्रवाल को शामिल किया गया है। समिति को 15 दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
पार्षदों ने रखे अपने-अपने मुद्दे
बैठक के दौरान नेता प्रतिपक्ष संजय कोहले, उपनेता विजयेंद्र पटेल सहित कई पार्षदों ने विभिन्न मुद्दों को उठाया। एमआईसी प्रभारी लीना देवांगन, देवनारायण चंद्राकर, नरेंद्र बंजारे सहित अन्य सदस्यों ने सवालों के जवाब दिए।
580.12 करोड़ का बजट पेश, मामूली लाभ के साथ पारित
महापौर अलका बाघमार ने वर्ष 2026-27 के लिए 580.12 करोड़ रुपए का बजट पेश किया। इसमें राजस्व आय 184.35 करोड़ और पूंजीगत आय 395.77 करोड़ रखी गई, जबकि व्यय लगभग समान स्तर पर रखा गया।
इस बजट में करीब 5.20 लाख रुपए का मामूली लाभ दर्शाया गया है। चर्चा के बाद बजट को बहुमत से पारित कर दिया गया।





