गरियाबंद। छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच गरियाबंद जिले से राहत और चुनौती की एक साथ तस्वीर सामने आई है। सुहागपुर गांव के गौठान में बाढ़ के पानी से घिरे एक परिवार को नगर सेना की टीम ने चार घंटे तक चले कठिन रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सुरक्षित बाहर निकाल लिया। हालांकि संकट अभी पूरी तरह टला नहीं है, क्योंकि उसी गौठान में करीब 300 गायें अब भी बाढ़ के पानी के बीच फंसी हुई हैं, जिन्हें सुरक्षित निकालना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।
जानकारी के अनुसार, लगातार बारिश के चलते बुधवार दोपहर से सुहागपुर गांव का गौठान चारों ओर से पानी से घिर गया था। इसी दौरान एक परिवार वहां फंस गया। शाम करीब पांच बजे इसकी सूचना जिला प्रशासन और नगर सेना को मिली। हालात ऐसे थे कि घटनास्थल तक पैदल पहुंचना संभव नहीं था, जिसके बाद तत्काल रेस्क्यू बोट की व्यवस्था कर बचाव अभियान शुरू किया गया।
नगर सेना के जवानों ने तेज बहाव और खराब मौसम के बीच आधे किलोमीटर से अधिक दूरी बोट के जरिए तय की। रेस्क्यू के दौरान कई बार बोट तकनीकी कारणों से बीच रास्ते में बंद हो गई, लेकिन दूसरी ओर मौजूद जवानों ने टॉर्च की रोशनी से रास्ता दिखाकर अभियान जारी रखा। करीब चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद टीम ने परिवार के सभी पांच सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
रेस्क्यू किए गए परिवार में 5 वर्ष, 3 वर्ष और 2 वर्ष के तीन मासूम बच्चे भी शामिल थे। जैसे ही पूरा परिवार सुरक्षित किनारे पहुंचा, मौके पर मौजूद लोगों ने ‘जय बजरंगबली’ के जयकारे लगाए। घंटों तक बाढ़ के बीच फंसे रहने के बाद परिवार के सदस्यों के चेहरों पर राहत साफ दिखाई दी। बताया जा रहा है कि यह जिले का पहला देर रात संचालित फ्लड रेस्क्यू ऑपरेशन था, जिसे नगर सेना ने सफलतापूर्वक पूरा किया। अभियान के दौरान थाना प्रभारी, तहसीलदार और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहकर लगातार निगरानी करते रहे।
हालांकि परिवार को सुरक्षित बचा लिया गया है, लेकिन सुहागपुर गौठान में करीब 300 गायें अभी भी बाढ़ के पानी से घिरी हुई हैं। लगातार बारिश के कारण पूरा गौठान जलमग्न है और पशुओं को सुरक्षित बाहर निकालने की योजना पर प्रशासन काम कर रहा है।
इससे पहले नगर सेना की टीम ने भिलाई स्थित एक फार्म हाउस से भी बाढ़ में फंसे तीन लोगों का सफल रेस्क्यू किया था। जिला प्रशासन का कहना है कि प्रभावित क्षेत्रों पर लगातार नजर रखी जा रही है और जहां भी जरूरत होगी, तत्काल राहत एवं बचाव कार्य किया जाएगा। फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता गौठान में फंसी गायों को सुरक्षित निकालना और प्रभावित ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।





