मंजूरी के दो साल बाद भी नहीं हुआ काम
गरियाबंद जिले के देवभोग क्षेत्र में पेयजल योजना को लेकर गंभीर लापरवाही सामने आई है। दो साल पहले स्वीकृत पानी टंकी स्थापना और पाइपलाइन विस्तार का काम अब तक धरातल पर शुरू भी नहीं हुआ, जबकि इसके लिए राशि आहरित की जा चुकी है। लगातार शिकायतों के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं होने पर पूर्व जिला पंचायत सदस्य धनमति यादव थाने पहुंच गईं और “गायब” काम को खोजने की गुहार लगाई।
थाने में आवेदन, प्रशासन पर सवाल
धनमति यादव ने देवभोग थाना प्रभारी को लिखित आवेदन देकर बताया कि वर्ष 2024 में जिला पंचायत निधि से दासोपारा (वार्ड 13) में बोर खनन, पानी टंकी स्थापना और पाइपलाइन विस्तार का कार्य स्वीकृत कराया गया था।
- कार्य एजेंसी: ग्राम पंचायत चिचिया
- पहली किश्त: ₹1.20 लाख (लगभग एक साल पहले आहरित)
इसके बावजूद मौके पर एक ईंट तक नहीं रखी गई। कागजों में काम “प्रगति पर” दिख रहा है, जबकि जमीन पर शून्य काम हुआ है।
रिकॉर्ड में प्रगति, जमीनी हकीकत शून्य
बताया गया कि जियो-टैगिंग, नोटशीट और राशि निकासी जैसी प्रक्रियाएं पूरी कर ली गईं, लेकिन वास्तविक निर्माण शुरू नहीं हुआ। सरपंच का कार्यकाल बदलने के बाद भी फाइलों में काम जारी दिखाया जाता रहा।
यह स्थिति संभावित वित्तीय अनियमितता और निगरानी तंत्र की कमजोरी की ओर इशारा करती है।
पुलिस का रुख
थाना प्रभारी फैजुल शाह के अनुसार, प्रथम दृष्टया मामला गैर-संज्ञेय (नॉन-कॉग्निजेबल) श्रेणी का प्रतीत होता है, जिसे धारा 155 के तहत दर्ज किया जाएगा। साथ ही, कार्य के क्रियान्वयन में देरी और राशि उपयोग पर जनपद से जानकारी मांगी जाएगी।
जनपद का जवाब
देवभोग जनपद सीईओ बी.के. भगत ने कहा कि करीब 6 महीने पहले इस संबंध में शिकायत मिली थी, लेकिन अब तक क्या कार्रवाई हुई, इसकी जानकारी संबंधित कर्मचारियों से लेकर दी जाएगी। यह बयान प्रशासनिक सुस्ती पर सवाल खड़े करता है।
600 की आबादी एक हैंडपंप पर निर्भर
चिचिया पंचायत के दासोपारा गांव (4 वार्ड) में लगभग 600 लोग रहते हैं, जहां केवल एक हैंडपंप ही पेयजल का मुख्य स्रोत है।
जल जीवन मिशन के तहत पाइपलाइन तो बिछाई गई, लेकिन जल स्रोत की व्यवस्था नहीं की गई। प्रस्तावित टंकी वार्ड 13 में बननी थी, जिससे पानी का दबाव संतुलित होता और दूर-दराज की महिलाओं को राहत मिलती।
गर्मी में बढ़ा जल संकट, महिलाओं में आक्रोश
भीषण गर्मी के बीच पानी की किल्लत बढ़ने से ग्रामीणों, खासकर महिलाओं में नाराजगी है। यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो महिलाएं खाली बर्तन लेकर नेशनल हाईवे जाम करने की चेतावनी दे रही हैं।





