January 16, 2026

Hyderabad Cyber Crime: ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर 81 वर्षीय रिटायर्ड बिजनेसमैन से 7.12 करोड़ की ठगी

हैदराबाद।
तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में साइबर ठगों ने एक 81 वर्षीय रिटायर्ड बिजनेसमैन को ‘डिजिटल अरेस्ट’ के जाल में फंसाकर 7 करोड़ 12 लाख रुपये की भारी ठगी कर ली। यह मामला देश में तेजी से बढ़ते साइबर अपराध और बुजुर्गों को निशाना बनाने की खतरनाक प्रवृत्ति को उजागर करता है।

पीड़ित ने इस संबंध में तेलंगाना साइबर सुरक्षा ब्यूरो (TGCSB) में शिकायत दर्ज कराई है, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है


▶ व्हाट्सऐप कॉल से शुरू हुआ ‘डिजिटल अरेस्ट’ का खेल

पीड़ित को 27 अक्टूबर 2025 को एक व्हाट्सऐप कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को एक नामचीन कूरियर कंपनी का कर्मचारी बताया। ठग ने दावा किया कि पीड़ित के नाम से थाईलैंड भेजा जा रहा एक पार्सल पकड़ा गया है, जिसमें

  • नशीले पदार्थ
  • फर्जी पासपोर्ट
  • कई क्रेडिट कार्ड

मिले हैं।


▶ मुंबई पुलिस बनकर डराया, मानसिक दबाव बनाया

कुछ ही देर में कॉल को कथित तौर पर मुंबई पुलिस के अधिकारियों से जोड़ दिया गया। ठगों ने पीड़ित को गंभीर कानूनी कार्रवाई, गिरफ्तारी और डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाया।

लगातार वीडियो कॉल और निर्देशों के जरिए बुजुर्ग व्यवसायी को मानसिक दबाव में रखा गया और उन्हें बताया गया कि जांच पूरी होने तक वे किसी से संपर्क नहीं कर सकते।


▶ डर और भ्रम में ट्रांसफर कर दी जीवनभर की कमाई

ठगों के निर्देश पर पीड़ित ने अलग-अलग खातों में कुल 7.12 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए। जब संपर्क टूट गया और शक गहराया, तब पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ।

इसके बाद उन्होंने TGCSB से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई


▶ साइबर पुलिस की अपील

तेलंगाना साइबर पुलिस ने लोगों, खासकर वरिष्ठ नागरिकों, से अपील की है कि

  • किसी भी अनजान कॉल पर घबराएं नहीं
  • पुलिस या एजेंसी कभी फोन पर गिरफ्तारी या डिजिटल अरेस्ट नहीं करती
  • कोई भी रकम ट्रांसफर करने से पहले परिवार या पुलिस से सलाह लें

News Highlights

  • हैदराबाद में 81 वर्षीय बुजुर्ग से 7.12 करोड़ की साइबर ठगी
  • ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर बनाया गया शिकार
  • व्हाट्सऐप कॉल और फर्जी पुलिस अधिकारियों का इस्तेमाल
  • TGCSB ने शुरू की जांच
  • बुजुर्गों को निशाना बना रहे साइबर ठग